उत्तराखण्ड के हर विकासखण्ड में बनेंगे आदर्श कृषि एवं उद्यान गांव : धामी

देहरादून 15 मई ।
Pushkar Singh Dhami ने राज्य के प्रत्येक विकासखण्ड में एक-एक गांव को कृषि एवं उद्यान के क्षेत्र में आदर्श गांव के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए हैं। गुरुवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में आयोजित उत्तराखण्ड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड की बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय संसाधनों, पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक कृषि तकनीकों के समन्वय से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों, जलवायु, भूमि की गुणवत्ता तथा स्थानीय आवश्यकताओं का अध्ययन कर यह तय किया जाए कि किस क्षेत्र में कौन-सी फल, सब्जी अथवा अन्य कृषि फसलें बेहतर ढंग से विकसित की जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र विशेष की विशेषताओं के अनुरूप योजनाबद्ध कार्य कर उत्तराखण्ड को कृषि और बागवानी के क्षेत्र में नई पहचान दिलाई जा सकती है।
बैठक में मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड को आगामी तीन वर्षों की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी योजनाओं में किसानों के हित सर्वोपरि होने चाहिए और कृषि उत्पादन बढ़ाने, खेती की लागत कम करने तथा किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं।
मुख्यमंत्री ने Govind Ballabh Pant University of Agriculture and Technology समेत अन्य संस्थानों के सहयोग से प्रदेशभर में कृषि गोष्ठियों और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को उन्नत कृषि तकनीक, उच्च गुणवत्ता वाले बीज, पौध और खाद उपलब्ध कराए जाएं ताकि खेती अधिक लाभकारी बन सके।
मुख्यमंत्री ने सरसों, तिल, सूरजमुखी और सोयाबीन जैसी तिलहनी फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि कृषि विविधीकरण से किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ मिलेगा। साथ ही बायोगैस संयंत्र और सौर ऊर्जा संचालित पंपों के उपयोग को प्रोत्साहित करने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने अधिकारियों से किसानों की उपज के विपणन के लिए बेहतर व्यवस्था विकसित करने, डिजिटल माध्यमों से बिक्री के लिए प्रशिक्षण उपलब्ध कराने तथा जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास करने को कहा। मुख्यमंत्री ने शोध और तकनीकी नवाचारों का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचाने के उद्देश्य से अधिक से अधिक किसानों को “लैब टू लैंड” कार्यक्रम से जोड़ने पर भी जोर दिया।
बैठक में उत्तराखण्ड मंडी परिषद के अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार डब्बू, सचिव डॉ. एस.एन. पाण्डेय, अपर सचिव बंशीधर तिवारी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।


