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चारधाम यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए चिकित्सा और सड़क सुरक्षा पर मंथन

देहरादून, 01 अप्रैल 2026 । लोक भवन में बुधवार को हेमवती नंदन बहुगुणा चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय द्वारा ‘चार धाम यात्रा के दौरान चिकित्सा समस्याएं और सड़क दुर्घटना सुरक्षा उपाय’ विषय पर एक दिवसीय सेमिनार आयोजित किया गया। इस दौरान विशेषज्ञों ने यात्रियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और जागरूकता को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए।
कार्यक्रम में लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने कहा कि चारधाम यात्रा में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने “आस्था के साथ सावधानी” को यात्रा का मूलमंत्र बताते हुए कहा कि यात्रियों को यात्रा से पहले स्वास्थ्य परीक्षण जरूर कराना चाहिए, विशेष रूप से बुजुर्गों को चिकित्सकीय सलाह के बाद ही यात्रा करनी चाहिए।
राज्यपाल ने पर्वतीय मार्गों की संवेदनशीलता पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि सुंदरता के साथ-साथ इन मार्गों पर दुर्घटना का खतरा भी रहता है, इसलिए सतर्कता बेहद जरूरी है। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं में “गोल्डन आवर” के महत्व को रेखांकित करते हुए आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं और ट्रॉमा केयर को और मजबूत बनाने पर जोर दिया।
सेमिनार में पद्मश्री से सम्मानित हृदय रोग विशेषज्ञ एस. सी. मनचंदा ने हाई एल्टीट्यूड सिकनेस से बचाव के उपाय बताए। उन्होंने कहा कि यात्रियों को धीरे-धीरे ऊंचाई की ओर बढ़ना चाहिए और शुरुआती दिनों में शरीर को अनुकूल होने का समय देना चाहिए। साथ ही योग और ध्यान को मानसिक संतुलन के लिए लाभकारी बताया।
मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी के डॉ. पंकज ने पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा पर चर्चा करते हुए सुरक्षित ड्राइविंग और प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समय पर दिया गया प्राथमिक उपचार कई बार जीवन बचाने में निर्णायक साबित होता है।
वहीं एम्स गोरखपुर के ऑर्थोपेडिक विभागाध्यक्ष डॉ. आशुतोष तिवारी ने ऊंचाई वाले क्षेत्रों में होने वाली न्यूरोलॉजिकल समस्याओं, उनके लक्षण और बचाव के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी।
इस अवसर पर सुरक्षित चारधाम यात्रा के लिए “पिलग्रिमेज एजुकेशन हैंडबुक” का विमोचन भी किया गया, जिसमें यात्रियों के लिए जरूरी सावधानियों को विस्तार से शामिल किया गया है।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्री सुबोध उनियाल, सचिव राज्यपाल रविनाथ रामन, कुलपति प्रो. भानु दुग्गल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी, चिकित्सक और छात्र-छात्राएं उपस्थित

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