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युवा वर्ग जा रहा है ग़लत दिशा को,उसको पटरी पर लाने के लिए ऐसे कार्यक्रमों की आवश्यकता : डॉक्टर हरीश बिष्ट

नैनीताल 01 अगस्त । ( ललित जोशी) सरोवर नगरी से महज 22 किलोमीटर दूर एच डी डिग्री कालेज भीमताल में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग, के अंतर्गत बाल विकास परियोजना द्वारा ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत शक्ति संवाद संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख डॉक्टर. हरीश सिंह बिष्ट तथा विशिष्ट अतिथि जिला पंचायत सदस्य विपिन सिंह जन्तवाल ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
इस दौरान छात्राओं द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत कर उपस्थित जन समूह की तालिया बटोरी।
मुख्य अतिथि डॉक्टर. हरीश सिंह बिष्ट ने कहा कि किशोरियों और बेटियों को समाज में जागरूक, आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सतत संवाद और सकारात्मक पारिवारिक वातावरण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बेटियों को उच्च शिक्षा एवं आर्थिक रूप से सक्षम बनाकर ही उन्हें अपने जीवन से जुड़े निर्णय स्वयं लेने के योग्य बनाया जा सकता है, जिससे समाज में व्याप्त रूढ़िवादी सोच समाप्त होगी।
उन्होंने कहा आज जो हमारा युवा वर्ग है वह गलत दिशा को जा रहा है उसको पटरी पर लाने के लिए इस तरह के कार्यक्रम की बहुत आवश्यकता है।
उन्होंने बताया कार्यक्रम का उद्देश्य किशोरियों को उनके अधिकारों, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण, साइबर सुरक्षा, बाल विवाह निषेध तथा महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा से जुड़े कानूनों के प्रति जागरूक करना था।
इस मौके पर तमाम बुद्धि जीवी वर्ग समेत छात्र छात्रायें शामिल रही।

कार्यशाला में प्रो. शिल्पी बिष्ट, डॉ. नीतू, वरिष्ठ पत्रकार गीतेश त्रिपाठी, राष्ट्रीय स्तर की कबड्डी खिलाड़ी मोनिका नयाल, पुलिस विभाग से सब इंस्पेक्टर रंजना (अंजला), वन स्टॉप सेंटर नैनीताल की अधिवक्ता संगीता टाकुली, जिला सेवायोजन अधिकारी प्रियंका गड़िया तथा उद्योग विभाग के सहायक प्रबंधक कैलाश सम्मल ने संवादात्मक शैली में छात्राओं को विभिन्न विषयों की जानकारी दी और उनके सवालों के उत्तर दिए। विशेषज्ञों ने छात्राओं को उच्च शिक्षा, स्टार्टअप, उद्यमिता, आत्मनिर्भरता तथा सकारात्मक निर्णय लेने के लिए भी प्रेरित किया।
इस अवसर पर एसओएस के निदेशक आशीष बावना, एच.डी. डिग्री कॉलेज की प्रधानाचार्या मुक्ता, बाल विकास परियोजना अधिकारी डॉ. रेनू मर्तोलिया, सुपरवाइजर कविता, हेमा मासीवाल, हेमा त्रिपाठी, रीना यादव, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियाँ, जनप्रतिनिधि, शिक्षकगण, कुंदन जीना, धीरेंद्र जीना, कमल कुल्याल सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने तथा बाल विवाह, लैंगिक भेदभाव एवं महिलाओं के प्रति हिंसा के विरुद्ध जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।

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