उत्तराखण्डकाँवड यात्रा

कांवड़ यात्रा की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, 11 हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात

राज्यपाल ने कांवड़ यात्रा, आपदा प्रबंधन और सेवानिवृत्त पुलिस कर्मियों के कल्याण को लेकर डीजीपी से ली जानकारी

देहरादून, 1 अगस्त 2026। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) से शनिवार को लोक भवन में पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश की कानून-व्यवस्था, कांवड़ यात्रा, मानसून सीजन और आपदा प्रबंधन सहित विभिन्न समसामयिक विषयों की जानकारी राज्यपाल को दी।
राज्यपाल ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, निर्बाध आवागमन और सुगम यात्रा सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस एवं प्रशासन द्वारा किए जा रहे समन्वित प्रयासों की सराहना की।
आपदा प्रबंधन को लेकर सतर्कता के निर्देश
राज्यपाल ने मानसून सीजन के मद्देनजर प्रदेश में आपदा प्रबंधन की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्क निगरानी बनाए रखने तथा किसी भी आपदा या आकस्मिक स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय बनाए रखने के भी निर्देश दिए।
सेवानिवृत्त पुलिस कर्मियों के कल्याण पर जोर
बैठक में सेवानिवृत्त पुलिस कर्मियों के स्वास्थ्य, पुनर्वास, सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। राज्यपाल ने कहा कि राज्य और समाज की सेवा में समर्पित पुलिस कर्मियों के सेवानिवृत्ति के बाद भी उनके सम्मान और कल्याण का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।
22 सुपर जोन, 67 जोन और 200 सेक्टर में बांटा कांवड़ मेला क्षेत्र
डीजीपी दीपम सेठ ने राज्यपाल को बताया कि 30 जुलाई से शुरू हुई कांवड़ यात्रा 11 अगस्त तक चलेगी। यात्रा के दौरान सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं। पूरे कांवड़ मेला क्षेत्र को 22 सुपर जोन, 67 जोन और 200 सेक्टरों में विभाजित किया गया है।
पिछले वर्ष की तुलना में इस बार 110 अतिरिक्त ड्यूटी प्वाइंट स्थापित किए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 11 हजार से अधिक पुलिस एवं सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। वहीं 420 सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से मेला क्षेत्र और प्रमुख मार्गों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
मानसून और आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई की व्यवस्था
डीजीपी ने बताया कि मानसून एवं आपदा प्रबंधन को देखते हुए उत्तराखण्ड पुलिस ने व्यापक सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था लागू की है। यात्रा मार्गों की लगातार निगरानी, मौसम एवं मार्गों की नियमित समीक्षा, त्वरित समन्वय तथा किसी भी आपदा की स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सक्रिय रखी गई हैं।

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