संत गरीबदास जी महाराज के बोध दिवस पर सतलोक आश्रम में समागम शुरू

झिंझाना,शामली। क्षेत्र के गांव बेदखेड़ी स्थित सतलोक आश्रम में संत शिरोमणि संत गरीबदास जी महाराज के बोध दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित तीन दिवसीय समागम का शुभारंभ भक्ति और उल्लास के साथ हुआ। पहले दिन सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरा आश्रम परिसर भक्तिमय वातावरण में डूबा नजर आया।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकालीन भजन-कीर्तन व नित्य नियम से हुई। इसके बाद आयोजित सत्संग में संत गरीबदास जी के जीवन प्रसंगों, उनकी वाणी और बोध दिवस की महत्ता पर प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने बताया कि बाल्यकाल में उन्हें कबीर साहेब का साक्षात्कार हुआ, जिसके बाद उन्होंने सतभक्ति का संदेश जन-जन तक पहुंचाया। बोध दिवस को आत्मिक जागरण का पर्व बताते हुए श्रद्धालुओं को सद्मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी गई।
आश्रम में लगाई गई आध्यात्मिक प्रदर्शनी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही। प्रदर्शनी में संत परंपरा, सतलोक दर्शन और सृष्टि रचना से जुड़े विषयों को चित्रों और मॉडलों के माध्यम से दर्शाया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर आध्यात्मिक जानकारी प्राप्त की।
समागम के अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया, जिसमें देशी घी से बने मिष्ठान और सात्विक भोजन प्रसाद के रूप में वितरित किया गया। सेवादारों ने अनुशासन के साथ व्यवस्थाएं संभाली।
आयोजकों के अनुसार यह समागम संत रामपाल महाराज के मार्गदर्शन में 28 फरवरी तक चलेगा।
रिर्पोट : झिंझाना से मौ० हारुन सैफी के साथ सिद्धार्थ भारद्वाज प्रभारी दिल्ली एनसीआर।


