उत्तराखण्डधर्म-कर्म

सावन के दूसरे सोमवार को श्री पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर में होगा सामूहिक रुद्राभिषेक

वैदिक मंत्रोच्चार के साथ होगा श्री रुद्री पाठ, खीर प्रसाद का वितरण; शाम को होगा भव्य श्रृंगार एवं श्रृंगार आरती

देहरादून, 9 अगस्त। परम पूज्य महंत श्री श्री 108 रवींद्र पुरी जी महाराज के पावन सानिध्य में सावन मास के दूसरे सोमवार, 10 अगस्त को श्री पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर में द्वितीय सामूहिक रुद्राभिषेक का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर वैदिक आचार्यों द्वारा श्री रुद्री पाठ के वैदिक मंत्रों के साथ भगवान श्री पृथ्वीनाथ महादेव का सामूहिक जलाभिषेक एवं रुद्राभिषेक किया जाएगा।
रुद्राभिषेक के उपरांत श्रद्धालुओं को खीर का प्रसाद वितरित किया जाएगा। वहीं, सायंकाल भगवान श्री पृथ्वीनाथ महादेव का भव्य श्रृंगार किया जाएगा तथा श्रृंगार आरती का आयोजन होगा। मंदिर सेवा दल की ओर से आयोजन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
15 सेवादार कांवड़ लेकर हरिद्वार के लिए हुए रवाना
श्री पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर सेवा दल के दिगंबर दिनेश पुरी जी ने बताया कि सेवा दल के लगभग 15 सेवादार रविवार रात्रि को भगवान श्री पृथ्वीनाथ महादेव की पूजा-अर्चना करने के पश्चात कांवड़ लेने के लिए हरिद्वार रवाना हुए। सभी कांवड़िए सोमवार प्रातः मंदिर पहुंचकर भगवान श्री पृथ्वीनाथ महादेव का सामूहिक जलाभिषेक करेंगे।
उन्होंने बताया कि हरिद्वार से कांवड़ लेकर आने वाले सेवादारों के लिए मंदिर परिसर में खान-पान एवं रात्रि विश्राम की व्यवस्था की गई है। सोमवार सुबह सभी कांवड़िए पवित्र गंगाजल से भगवान भोलेनाथ का सामूहिक जलाभिषेक करेंगे।
मंदिर परिसर में दिनभर रही कांवड़ियों की चहल-पहल
सावन के दूसरे सोमवार से एक दिन पूर्व रविवार को श्री पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर परिसर में दिनभर कांवड़ियों की चहल-पहल बनी रही। दूर-दराज से कांवड़ लेकर आने वाले श्रद्धालुओं के स्वागत एवं सेवा के लिए मंदिर सेवा दल की ओर से भोजन-प्रसाद की व्यवस्था की गई।
मंदिर परिसर में भगवान शिव के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान श्री पृथ्वीनाथ महादेव के दर्शन एवं पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की।
इस अवसर पर कांवड़ लाने वाले श्रद्धालुओं एवं मंदिर सेवा से जुड़े सुशील मित्तल, आशीष, अनुज, कार्तिक गर्ग, नमन गर्ग, आराध्य मित्तल, नवीन गुप्ता, विक्की गोयल, रोहित अग्रवाल, तुषार बंसल, जोगिंदर पुंडीर आदि उपस्थित रहे।

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