उत्तराखण्डकानून व्यवस्था

सड़क दुर्घटनाओं की त्वरित रोकथाम और PM-RAHAT योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को पुलिस कर्मियों का प्रशिक्षण

IRAD/eDAR एवं PM-RAHAT योजना को लेकर पुलिस कर्मियों का विशेष प्रशिक्षण आयोजित

*सड़क हादसों में त्वरित सहायता और डिजिटल डेटा प्रबंधन को लेकर पुलिस कर्मियों को दिया प्रशिक्षण*

टिहरी गढ़वाल,05 अक्टूबर 2026। जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल के दिशा निर्देशन में सड़क दुर्घटनाओं के त्वरित निवारण,  डिजिटल डेटा प्रबंधन  Irad/Edar और ‘पीएम-राहत’ (PM-RAHAT) योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जनपद के पुलिस कर्मियों के लिए  पुलिस लाइन में एक विशेष प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया।

टिहरी जनपद में सड़क दुर्घटनाओं के वैज्ञानिक विश्लेषण और उनके प्रभावी रोकथाम के उद्देश्य से DRM iRAD रविंद्र सिंह चौहान द्वारा IRAD (Integrated Road Accident Database) पोर्टल के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने एवं क्षेत्र में होने वाली दुर्घटनाओं के डेटा को ऑनलाइन IRAD पोर्टल पर अपलोड करने के लिए अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया।

इस पोर्टल में पुलिस, स्वास्थ्य, लोक निर्माण विभाग, परिवहन विभाग आपस में जुड़े है, जिसके द्वारा सड़क की जाँच रोड एजेंसी, गाड़ी की जांच एवं विक्टिम के पोस्टमार्टम एवं ड्रंक ड्राइव , डिस्चार्ज रिपोर्ट हॉस्पिटल  निम्न जांच रिपोर्ट  सम्बंधित विभाग को पोर्टल के माध्यम से सूचित करके ले सकते है।

इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े मामलों में पुलिस विभाग की तकनीकी दक्षता को मजबूत करना और दुर्घटना पीड़ितों को समयबद्ध सहायता व न्याय सुनिश्चित करना रहा।

PM RAHAT प्रशिक्षण -सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को ‘गोल्डन ऑवर’ के भीतर त्वरित चिकित्सा सहायता और ‘पीएम-राहत’ योजना के तहत कैशलेस उपचार से जुड़ी प्रक्रियाओं में पुलिस की भूमिका व समन्वय पर जोर दिया गया।

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बताया गया कि पीएम-राहत’ (PM-RAHAT) योजना के तहत सड़क दुर्घटना के प्रत्येक पीड़ित को 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध कराया जाता है। ​’गोल्डन ऑवर’ का सदुपयोग: दुर्घटना के बाद के पहले बेहद महत्वपूर्ण घंटों (गोल्डन ऑवर) में बिना किसी एडवांस भुगतान के तुरंत अस्पताल में इलाज शुरू हो जाता है।

​पुलिस और प्रशासन की अहम भूमिका:
इस पूरी प्रक्रिया में पुलिस और अस्पतालों के बीच eDAR (इलेक्ट्रॉनिक डिटेल्ड एक्सीडेंट रिपोर्ट) और TMS 2.0 (ट्रांजैक्शन मैनेजमेंट सिस्टम) के जरिए डिजिटल समन्वय स्थापित किया जाता है, जिससे पुलिस सत्यापन और उपचार की प्रक्रिया साथ-साथ तेजी से पूरी होती है।

​वित्तीय सहायता:
अस्पतालों को इसका भुगतान ‘मोटर वाहन दुर्घटना फंड’ (Motor Vehicle Accident Fund) के माध्यम से सीधे किया जाता है, जिससे पीड़ित परिवार पर आर्थिक संकट नहीं आता।

केंद्र सरकार की इस कल्याणकारी पहल और पुलिस के बेहतर तालमेल से अब देश में सड़क हादसों में होने वाली मौतों के आंकड़ों में भारी कमी आने की उम्मीद है। प्रशिक्षण में SI राजेंद्र कुमार ,सुनील कुमार, विनय शर्मा, SI सुषमा रावत, ASI महाबीर सिंह रावत, दीपक सिंह पंवार, साक्षी रावत, प्रियंका देवी, कांस्टेबल कल्पना चौहान, बबीता डोभाल आदि उपस्थित रहे।

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