दशलक्षण पर्व के आठवें दिन उत्तम त्याग धर्म की आराधना
श्रद्धालुओं ने मोह-ममता, लोभ और आसक्ति का त्याग कर आत्मकल्याण के मार्ग पर चलने का लिया संकल्प

जलालाबाद (शामली)23 सितम्बर
। श्री 1008 पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर में दशलक्षण पर्व श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ मनाया जा रहा है। पर्व के आठवें दिन उत्तम त्याग धर्म की विशेष पूजा-अर्चना एवं धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान जिनेंद्र देव का विधि-विधान से पूजन कर उत्तम त्याग धर्म को अपने जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया।
धार्मिक कार्यक्रम में वक्ताओं ने उत्तम त्याग धर्म के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि त्याग मनुष्य को मोह, ममता, लोभ और अनावश्यक आसक्ति से दूर कर आत्मकल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। त्याग केवल बाहरी वस्तुओं को छोड़ना नहीं, बल्कि मन के भीतर उत्पन्न होने वाले विकारों और नकारात्मक भावनाओं से मुक्त होना भी है।
इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने अपनी बुरी आदतों, नकारात्मक विचारों एवं अनावश्यक आसक्तियों का त्याग कर धार्मिक, संयमित एवं सदाचारपूर्ण जीवन जीने का संकल्प लिया। मंदिर परिसर में पूरे दिन भक्ति और धार्मिक वातावरण बना रहा तथा श्रद्धालुओं ने भगवान जिनेंद्र देव की आराधना कर धर्मलाभ अर्जित किया।
कार्यक्रम में सुशील जैन, ऋषभ जैन, सतीश जैन, राहुल जैन, पारस जैन, कुलदीप जैन, संदीप जैन, सनत जैन, राजीव जैन, अखिलेश जैन, आदि जैन, सपना जैन, अंकुर जैन सहित मुजफ्फरनगर से आए श्रद्धालुओं एवं बड़ी संख्या में धर्मावलंबियों ने सहभागिता की।



