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भागवत कथा मरना सिखाती है, जीवन को भक्ति के लिए जीना चाहिए : वत्सल जी महाराज

देहरादून,19 मई 2026। परम पूज्य महंत श्री श्री 108 रवींद्र पुरी जी महाराज के पावन सानिध्य में पुरुषोत्तम मास के पावन पर्व एवं बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के अंतर्गत 51 कन्याओं के सामूहिक विवाह हेतु आयोजित पवित्र श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन मथुरा-वृंदावन से पधारे पूज्य व्यास वत्सल जी महाराज ने भक्तों को कथा रस का अमृतपान कराया।
कथा के दौरान व्यास जी ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य को जीवन जीने के साथ-साथ मरना भी सिखाती है। भागवत के श्रवण से मनुष्य को यह ज्ञान प्राप्त होता है कि उसे किस प्रकार कर्म करने चाहिए और कैसे जीवन का उद्धार संभव है। उन्होंने कहा कि कलियुग में श्रीमद्भागवत प्रत्यक्ष भगवान स्वरूप ग्रंथ है। यदि भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन करने हों तो पवित्र भागवत के माध्यम से किए जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि जो भी श्रद्धा भाव से भागवत कथा का श्रवण करता है, भगवान श्रीकृष्ण स्वयं उससे मिलने के लिए आते हैं और उसका जीवन कल्याणकारी बन जाता है।
वत्सल जी महाराज ने कहा कि मनुष्य जीवन केवल भोग-विलास और सांसारिक सुखों के लिए नहीं मिला है, बल्कि भक्ति के माध्यम से प्रभु को प्राप्त करने के लिए मिला है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से सत्य के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
कथा के दौरान उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत और रामायण ऐसे पवित्र ग्रंथ हैं, जिनके श्रवण और स्मरण मात्र से बच्चों से लेकर बड़ों तक में अच्छे संस्कार उत्पन्न होते हैं। इन ग्रंथों से परिवारों में माता-पिता और बुजुर्गों के प्रति आदर एवं सम्मान की भावना बढ़ती है।
उन्होंने बताया कि बुधवार को कथा में भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की मनोहारी लीला का मंचन एवं वर्णन किया जाएगा। इस अवसर पर सभी श्रद्धालु पीतांबर वस्त्र धारण कर कथा में शामिल होंगे।
इस अवसर पर अशोक वर्मा, दीपक गर्ग, पुनीता गैरोला, नवीन गुप्ता, अशोक गुप्ता, नवीन जैन, विक्की गोयल, रोहित अग्रवाल, अनिल गोयल, संदीप मित्तल, गीता अग्रवाल, मेघा गर्ग, संगीता गुप्ता, सरिता गुप्ता सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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