श्री पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर में भागवत कथा की अमृत वर्षा, “कलयुग में भागवत श्रवण से ही मिलती है मन की शांति”

देहरादून,
18 मई 2026। परम पूज्य महंत श्री श्री 108 रवींद्र पुरी जी महाराज के पावन सानिध्य में श्री पृथ्वीनाथ Mahadev Temple में “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ”, 51 बिटियाओं के सामूहिक विवाह एवं पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन श्रद्धालुओं ने भक्ति रस का आनंद लिया।
मथुरा-वृंदावन से पधारे पूज्य कथा व्यास विनीत वचन डबराल जी महाराज ने कथा की अमृत वर्षा करते हुए कहा कि घोर कलयुग में श्रीमद्भागवत ही ऐसा पवित्र ग्रंथ है, जिसके श्रवण मात्र से मन की शांति, सुख, वैभव और समृद्धि की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि “भागवत केवल सुनने का नहीं, बल्कि पीने का ग्रंथ है।”
कथा व्यास जी ने कहा कि जीते जी भागवत श्रवण करने से मनुष्य को मुक्ति का मार्ग प्राप्त होता है, वहीं मृत्यु के बाद भी यदि किसी आत्मा को भागवत सुनाई जाए तो उसे भी मोक्ष की प्राप्ति होती है।
उन्होंने कहा कि जहां सत्संग, भजन-कीर्तन और प्रभु की पूजा होती है, वहीं भगवान का वास होता है। कथा के दौरान उन्होंने सुखदेव जी द्वारा राजा परीक्षित को भागवत कथा सुनाने का प्रसंग भी श्रद्धालुओं को सुनाया।
कथा व्यास जी ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान को प्रसन्न करने के लिए पूजा केवल दिमाग से नहीं, बल्कि सच्चे दिल और श्रद्धा भाव से करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि भाव नहीं है तो 56 भोग भी प्रभु स्वीकार नहीं करते, लेकिन सच्ची श्रद्धा हो तो भगवान श्रीराम भी शबरी के जूठे बेर ग्रहण कर लेते हैं।
कार्यक्रम में दिगंबर दिनेश पुरी, वयोम सिंगल, पुनीता गैरोला, नवीन गुप्ता, विक्की गोयल, रोहित अग्रवाल, अनिल गोयल, एडवोकेट राजकुमार गुप्ता, श्रीमती मित्तल, श्रीमती अवंतिका मित्तल, संगीता गुप्ता, सरिता गुप्ता सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।


