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एनसीआरटीसी और आईआईटी रुड़की के बीच एमओयू, शहरी गतिशीलता में शोध व नवाचार को मिलेगा बढ़ावा

देहरादून/रुड़की, 04 अप्रैल 2026। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की के बीच शहरी परिवहन क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
यह एमओयू शनिवार को एनसीआरटीसी के प्रबंध निदेशक शलभ गोयल और आईआईटी रुड़की के डीन (रिसोर्स एंड एलुमनाई अफेयर्स) प्रो. आर. डी. गर्ग की उपस्थिति में आदान-प्रदान किया गया। इस अवसर पर दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी, एसोसिएट डीन और विभिन्न विभागों/केंद्रों के प्रमुख भी मौजूद रहे।
समझौते का मुख्य उद्देश्य आईआईटी रुड़की की शैक्षणिक एवं अनुसंधान विशेषज्ञता को एनसीआरटीसी के अनुभव के साथ जोड़कर शहरी गतिशीलता से जुड़ी चुनौतियों का समाधान निकालना और एक हरित एवं सतत परिवहन प्रणाली को बढ़ावा देना है।
इस अवसर पर शलभ गोयल ने कहा कि शिक्षा जगत और उद्योग के बीच यह साझेदारी आधुनिक परिवहन की जटिल चुनौतियों के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि इस सहयोग से विकसित होने वाले तकनीकी समाधान देश को ‘विकसित भारत’ की दिशा में आगे बढ़ाने के साथ स्वदेशी क्षमताओं को भी सशक्त करेंगे।
वहीं, आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. (डॉ.) कमल किशोर पंत ने कहा कि संस्थान वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए ट्रांसलेशनल रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने इसे शैक्षणिक शोध को राष्ट्रीय इंफ्रास्ट्रक्चर की प्राथमिकताओं से जोड़ने वाला मजबूत मंच बताया।
इस साझेदारी के तहत दोनों संस्थान संयुक्त रूप से अनुसंधान परियोजनाओं पर कार्य करेंगे, जिनका उद्देश्य शहरी परिवहन के लिए व्यावहारिक और लागू करने योग्य समाधान विकसित करना होगा। एनसीआरटीसी द्वारा साझा की जाने वाली वास्तविक चुनौतियों पर आईआईटी के शोधकर्ता अध्ययन करेंगे, जिससे उद्योग की जरूरतों के अनुरूप शोध को बढ़ावा मिलेगा।
एमओयू के अंतर्गत छात्रों को इंटर्नशिप के अवसर भी मिलेंगे, जिससे उन्हें बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा। साथ ही एनसीआरटीसी के कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण, सर्टिफिकेशन कोर्स और कार्यशालाओं के माध्यम से कौशल उन्नयन (अपस्किलिंग) की व्यवस्था भी की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि एनसीआरटीसी द्वारा विकसित ‘नमो भारत’ देश का पहला रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) है, जिसमें अत्याधुनिक तकनीकों जैसे ईटीसीएस लेवल-2 सिग्नलिंग और उच्च गति के लिए उपयुक्त स्लैब ट्रैक तकनीक का उपयोग किया गया है।
दोनों संस्थानों के बीच यह साझेदारी भविष्य की शहरी परिवहन आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नवाचार, तकनीकी दक्षता और कुशल मानव संसाधन के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही

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