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उत्तराखंड में रेलवे का बड़ा विस्तार: 3 नई रेल लाइनों को मंजूरी, 18 नई ट्रेन सेवाएं शुरू

नई दिल्ली/देहरादून 18 मार्च । लोकसभा में रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने उत्तराखंड में चल रही रेल परियोजनाओं और विकास कार्यों को लेकर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत और अजय भट्ट के प्रश्नों का उत्तर देते हुए बताया कि राज्य में रेलवे अवसंरचना और सुरक्षा कार्यों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
मंत्री ने कहा कि वर्ष 2009-14 के दौरान जहां औसतन 187 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष खर्च किए जाते थे, वहीं वर्ष 2025-26 में यह बढ़कर लगभग 4,641 करोड़ रुपये हो गया है, जो करीब 25 गुना वृद्धि दर्शाता है।
उन्होंने बताया कि 1 अप्रैल 2025 की स्थिति के अनुसार उत्तराखंड में पूर्णतः या आंशिक रूप से पड़ने वाली 40,384 करोड़ रुपये की लागत की कुल 216 किलोमीटर लंबाई की 3 नई रेल लाइनों को स्वीकृति दी गई है। इनमें से 16 किलोमीटर रेल लाइन चालू की जा चुकी है और मार्च 2025 तक 19,898 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं।
इन परियोजनाओं में देवबंद-रुड़की रेल लाइन (27 किमी) का कार्य पूरा हो चुका है, जिससे दिल्ली और देहरादून के बीच दूरी लगभग 40 किमी कम हो जाएगी। वहीं ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन (125 किमी) एक महत्वाकांक्षी परियोजना है, जो देहरादून, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों को जोड़ते हुए देवप्रयाग और कर्णप्रयाग जैसे धार्मिक स्थलों को राष्ट्रीय राजधानी से जोड़ेगी। इस परियोजना में 16 मुख्य सुरंगें (104 किमी) और 12 एस्केप टनल (98 किमी) प्रस्तावित हैं, जिनमें अधिकांश कार्य पूर्ण या अंतिम चरण में है।
पिछले तीन वर्षों (2022-23 से 2025-26) में राज्य में 441 किमी लंबाई के 7 नए सर्वेक्षण स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें 3 नई रेल लाइनें और 4 दोहरीकरण परियोजनाएं शामिल हैं।
रेलवे सुरक्षा के तहत पुल निर्माण में भी तेजी आई है। वर्ष 2004-14 के दौरान जहां 4,148 पुल बने थे, वहीं 2014-26 (जनवरी 2026 तक) में यह संख्या बढ़कर 14,024 हो गई है। उत्तराखंड में भी कई रेल ओवरब्रिज और अंडरपास का निर्माण किया जा रहा है।
मंत्री ने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर के 1,338 स्टेशनों का कायाकल्प किया जा रहा है, जिनमें उत्तराखंड के 11 स्टेशन शामिल हैं। इनमें देहरादून रेलवे स्टेशन, हरिद्वार रेलवे स्टेशन, काठगोदाम रेलवे स्टेशन, रामनगर रेलवे स्टेशन और टनकपुर रेलवे स्टेशन जैसे प्रमुख स्टेशन शामिल हैं। इन स्टेशनों पर आधुनिक सुविधाएं, लिफ्ट-एस्केलेटर, पार्किंग, दिव्यांगजन सुविधाएं और बेहतर यात्री सेवाएं विकसित की जा रही हैं।
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भारतीय रेल ने वर्ष 2023-24 से फरवरी 2026 तक उत्तराखंड के लिए 18 नई रेल सेवाएं शुरू की हैं। इनमें लखनऊ-देहरादून वंदे भारत एक्सप्रेस, दौराई-टनकपुर एक्सप्रेस और हरिद्वार-फिरोजपुर कैंट एक्सप्रेस प्रमुख हैं।
रेल मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि नई ट्रेन सेवाओं की शुरुआत मार्ग की क्षमता, उपलब्ध संसाधनों और परिचालन आवश्यकताओं के आधार पर की जाती है। कुल मिलाकर उत्तराखंड में रेलवे के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर विकास कार्य जारी हैं, जिससे विशेषकर पहाड़ी क्षेत्रों को बेहतर रेल संपर्क मिल सकेगा।

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