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मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने दिए सख्त निर्देश, सभी पंपिंग पेयजल योजनाओं में सोलराइजेशन की संभावनाएं अनिवार्य रूप से तलाशने को कहा

देहरादून,25 जुलाई 2026। मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में शनिवार को सचिवालय में व्यय वित्त समिति (ईएफसी) की बैठक आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न विभागों के विकास प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई तथा कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को समिति की संस्तुति प्रदान की गई। इस दौरान मुख्य सचिव ने परियोजनाओं की गुणवत्ता, लागत नियंत्रण और दीर्घकालिक उपयोगिता सुनिश्चित करने के लिए कई अहम निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने पंपिंग आधारित पेयजल योजनाओं के संचालन एवं रखरखाव को अधिक किफायती और टिकाऊ बनाने के उद्देश्य से सभी परियोजनाओं में सोलर पावर के उपयोग की संभावनाएं अनिवार्य रूप से तलाशने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नई पंपिंग पेयजल योजनाओं के निर्माण के दौरान सोलराइजेशन को प्राथमिकता दी जाए। साथ ही नियोजन विभाग को इस संबंध में आवश्यक शासनादेश जारी करने के निर्देश भी दिए।
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने विभिन्न विभागों द्वारा अभी भी कंसल्टेंट्स को परियोजना लागत के प्रतिशत के आधार पर भुगतान किए जाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पूर्व में जारी निर्देशों के अनुसार कंसल्टेंट्स को फीस एकमुश्त (लम्पसम) आधार पर ही दी जाए और इसका सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने इस संबंध में जारी शासनादेश को पुनः सभी विभागों को भेजने के निर्देश दिए।
उन्होंने परियोजनाओं की लागत में अप्रत्याशित वृद्धि के मामलों को गंभीरता से लेते हुए कहा कि यदि किसी एजेंसी द्वारा गलत आकलन के कारण लागत बढ़ती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। मुख्य सचिव ने नियोजन विभाग को लोक निर्माण विभाग के सहयोग से कॉस्ट वेरिएशन (लागत परिवर्तन) के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि भविष्य में परियोजनाओं की लागत में अनावश्यक बढ़ोतरी पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।
बैठक में आयुष क्षेत्र की संभावनाओं पर भी विशेष चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखंड आयुष के क्षेत्र में अपार संभावनाओं वाला राज्य है, इसलिए इस क्षेत्र में बेहतर और दूरदर्शी परियोजनाएं तैयार की जाएं तथा उनकी लोकेशन का चयन भी सोच-समझकर किया जाए।
इसके अलावा उन्होंने बागेश्वर जिले के गरुड़ क्षेत्र में प्रस्तावित आईटीआई के संबंध में आसपास छात्रावास (हॉस्टल) की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि इससे दूर-दराज़ क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों को सुविधा मिलेगी और आईटीआई में प्रवेश लेने वाले छात्रों की संख्या भी बढ़ेगी।
बैठक में प्रमुख सचिव श्री आर.के. सुधांशु, श्री आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव श्री दिलीप जावलकर, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, श्री श्रीधर बाबू अद्दांकी, श्री सी. रविशंकर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं संबंधित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

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