RBI का बड़ा कदम: डिजिटल बैंकिंग में बिना मंजूरी नहीं थोप सकेंगे सेवाएं, छिपे शुल्क पर लगेगी रोक

नई दिल्ली/देहरादून26 फ़रवरी । डिजिटल बैंकिंग को अधिक पारदर्शी और ग्राहकों को अनजाने खर्च से बचाने के उद्देश्य से भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के तहत अब कोई भी बैंक अपनी वेबसाइट या मोबाइल एप पर किसी भी सेवा या फीचर को ग्राहकों की स्पष्ट मंजूरी के बिना लागू नहीं कर सकेगा।
अब तक यह देखा गया था कि कई बैंक अपने मोबाइल एप या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर छिपे शुल्क (Hidden Charges), ऑटो-डेबिट सब्सक्रिप्शन या अतिरिक्त सेवाएं डिफॉल्ट रूप से सक्रिय कर देते थे, जिनकी जानकारी ग्राहकों को बाद में मिलती थी। इससे उपभोक्ताओं को अनावश्यक आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता था।
RBI के नए निर्देशों के अनुसार, बैंकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी प्रकार की अतिरिक्त सेवा, शुल्क या सब्सक्रिप्शन ग्राहक की स्पष्ट सहमति से ही सक्रिय हो। साथ ही, ग्राहकों को इन सेवाओं से बाहर निकलने (Opt-out) का सरल और स्पष्ट विकल्प भी देना अनिवार्य होगा।
केंद्रीय बैंक का यह कदम डिजिटल बैंकिंग को उपभोक्ता हितैषी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे न केवल ग्राहकों का भरोसा बढ़ेगा, बल्कि बैंकिंग प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही भी मजबूत होगी।



