उत्तराखण्डराजनीति

राजपुर विधानसभा के अमरीक हॉल में भव्य “अटल सुशासन सम्मेलन” आयोजित

अटल विचारधारा से विकसित भारत के संकल्प पर हुआ मंथन

देहरादून 29 दिसंबर।

राजपुर विधानसभा के अमरीक हॉल में “अटल सुशासन सम्मेलन” का भव्य आयोजन किया गया। सम्मेलन का उद्देश्य भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के सुशासन, राष्ट्रनिर्माण और वैचारिक दृष्टिकोण को जन-जन तक पहुंचाना रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ सभी मुख्य अतिथियों द्वारा अटल जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि देने के साथ हुआ।
सम्मेलन में अटल जी के व्यक्तित्व, उनके सुशासन मॉडल तथा वर्तमान सरकार के विकसित भारत के लक्ष्य पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता भाजपा महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ उमेश अग्रवाल ने “राष्ट्रनिर्माण का अटल मॉडल” विषय पर विचार रखते हुए कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी केवल एक प्रधानमंत्री नहीं, बल्कि भारत की आत्मा को समझने वाले दूरदर्शी नेता थे। उनका राष्ट्रनिर्माण मॉडल संवाद, सहमति, लोकतांत्रिक मूल्यों और सर्वसमावेशी विकास पर आधारित था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अटल विचारधारा को आगे बढ़ाते हुए सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास के मंत्र पर कार्य कर रहे हैं।
प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल गोयल ने अटल बिहारी वाजपेयी के व्यक्तित्व और उनकी वैचारिक यात्रा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अटल जी का जीवन सादगी, सिद्धांतों और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण का प्रतीक था। विपक्ष में रहते हुए भी उन्होंने लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन किया और सत्ता में आकर सुशासन की मजबूत नींव रखी। पोखरण परमाणु परीक्षण, स्वर्णिम चतुर्भुज योजना और सशक्त विदेश नीति उनके दूरदर्शी नेतृत्व के उदाहरण हैं।
राजपुर विधायक खजान दास ने “अटल जी का सुशासन एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विकसित भारत का संकल्प” विषय पर प्रभावशाली वक्तव्य देते हुए कहा कि अटल जी की सुशासन की परिकल्पना को प्रधानमंत्री मोदी साकार कर रहे हैं। विकसित भारत का सपना केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, पारदर्शी शासन, भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था और अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने का संकल्प है। उन्होंने कहा कि अटल जी की सोच और मोदी जी की कार्यशैली मिलकर भारत को 2047 तक आत्मनिर्भर और सशक्त राष्ट्र बनाने की दिशा में आगे बढ़ा रही है।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने युवाओं से अटल जी के विचारों को अपनाने और राष्ट्रसेवा के लिए आगे आने का आह्वान किया। सम्मेलन में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने अटल जी के आदर्शों पर चलने और संगठन को मजबूत करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम संयोजक अक्षत जैन ने सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं उपस्थित जनसमूह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे वैचारिक सम्मेलन समाज में सकारात्मक सोच और राष्ट्रहित के प्रति जागरूकता बढ़ाने का कार्य करते हैं।
इस अवसर पर राज्य मंत्री पुनीत मित्तल, श्याम अग्रवाल, भगवत प्रसाद मकवाना, श्रीमती मधु भट्ट, प्रदेश पदाधिकारी हरीश डोरा, आशीष नागरथ, उपाध्यक्ष सुनील शर्मा, ओम कक्कड़, अंबेडकर नगर मंडल प्रभारी प्रदीप कुमार, उमा नरेश तिवारी, साक्षी शंकर, अवधेश तिवारी, अंकुर जैन, मंडल अध्यक्ष पंकज शर्मा, पूनम शर्मा, राहुल पवार, पार्षदगण, कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी वर्ग, समाजसेवी एवं अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
“अटल सुशासन सम्मेलन” न केवल अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि था, बल्कि उनके विचारों को वर्तमान और भविष्य के भारत से जोड़ने का एक सार्थक प्रयास भी साबित

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