जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के लिए मास्टर ट्रेनर्स का चार दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न
एफआरआई देहरादून में हुआ प्रशिक्षण, अंतिम दिन फील्ड विजिट के जरिए दी गई मैदानी कार्यप्रणाली की जानकारी
देहरादून,
08 अक्टूबर। जनगणना-2027 के द्वितीय चरण यानी जनसंख्या गणना के सफल एवं सुचारु संचालन के लिए जनगणना कार्य निदेशालय, उत्तराखंड, गृह मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से आयोजित मास्टर ट्रेनर्स का चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम गुरुवार को संपन्न हो गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम 05 से 08 अक्टूबर तक साइंटिस्ट्स हॉस्टल, वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआई), देहरादून में आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण के अंतिम दिन मास्टर ट्रेनर्स को जनगणना कार्य की व्यावहारिक एवं मैदानी जानकारी देने के लिए फील्ड विजिट कराया गया। इस दौरान प्रतिभागियों को जनसंख्या गणना की कार्यप्रणाली, विभिन्न परिस्थितियों में कार्य संपादन तथा मैदानी स्तर पर आने वाली संभावित चुनौतियों से अवगत कराया गया। मास्टर ट्रेनर्स ने जनगणना कार्य से जुड़े विभिन्न पहलुओं को प्रत्यक्ष रूप से समझा और आगामी दायित्वों के संबंध में आवश्यक जानकारी प्राप्त की।
फील्ड विजिट के बाद प्रशिक्षण के दौरान आयोजित विभिन्न सत्रों और विषयों पर मास्टर ट्रेनर्स के साथ विस्तृत चर्चा की गई। प्रतिभागियों से प्रशिक्षण को लेकर उनके अनुभव, सुझाव और महत्वपूर्ण इनपुट लिए गए। साथ ही प्रशिक्षण के दौरान सामने आई शंकाओं और व्यावहारिक विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान जनसंख्या गणना के कार्य को निर्धारित दिशा-निर्देशों एवं प्रक्रियाओं के अनुरूप संचालित करने तथा प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी को आगामी प्रशिक्षण कार्यक्रमों में प्रभावी ढंग से साझा करने पर जोर दिया गया।
समापन अवसर पर निदेशक श्रीमती इवा आशीष श्रीवास्तव ने मास्टर ट्रेनर्स को संबोधित करते हुए कहा कि जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के सफल संचालन में मास्टर ट्रेनर्स की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान एवं अनुभव का प्रभावी उपयोग करते हुए संबंधित अधिकारियों और गणना कार्मिकों को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जनगणना कार्य में शुद्धता, एकरूपता और निर्धारित प्रक्रियाओं का अनुपालन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।
निदेशक ने सभी मास्टर ट्रेनर्स को उनके आगामी दायित्वों के लिए शुभकामनाएं देते हुए जनगणना-2027 के कार्य को पूरी निष्ठा, जिम्मेदारी और समन्वय के साथ संपादित करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के समापन पर निदेशक श्रीमती इवा आशीष श्रीवास्तव एवं संयुक्त निदेशक एवं राष्ट्रीय प्रशिक्षक श्री शैलेन्द्र सिंह नेगी ने सभी मास्टर ट्रेनर्स को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर मास्टर ट्रेनर्स ने प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान एवं अनुभव का आगामी कार्यों में प्रभावी उपयोग करने का संकल्प व्यक्त किया।
जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के लिए आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम राज्य में आगामी प्रशिक्षण गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए प्रशिक्षित एवं सक्षम मास्टर ट्रेनर्स की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम रहा।