देहरादून में ग्रेच्युटी मामलों के निपटान के लिए विशेष शिविर, एम्स ऋषिकेश के कर्मचारियों को 40 लाख रुपये का लाभ

देहरादून, 3 जुलाई। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) के अधीन देहरादून स्थित उप मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) कार्यालय ने ग्रेच्युटी भुगतान अधिनियम, 1972 के तहत लंबित मामलों के त्वरित निपटान के लिए विशेष शिविर आयोजित किया। शिविर का उद्देश्य एम्स ऋषिकेश के कर्मचारियों के ग्रेच्युटी भुगतान से जुड़े लंबित मामलों का शीघ्र समाधान करना था।
अधिनियम के तहत अपीलीय प्राधिकारी के रूप में कार्यरत उप मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) की अध्यक्षता में आयोजित इस शिविर में एम्स ऋषिकेश से संबंधित लगभग नौ महीने से लंबित 169 अपीलों पर सुनवाई की गई।
सुनवाई के दौरान 46 अपीलों का निपटारा कर्मचारियों के पक्ष में किया गया, जिससे उन्हें लगभग 40 लाख रुपये की वैधानिक ग्रेच्युटी राशि का लाभ तत्काल प्राप्त हुआ। अधिकारियों के अनुसार यह पहल श्रमिकों के वैधानिक अधिकारों की रक्षा और दावों के समयबद्ध निस्तारण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
शिविर के दौरान संबंधित ठेकेदार मैसर्स प्रिंसिपल सिक्योरिटी एंड एलाइड सर्विसेज तथा उसके प्रतिनिधियों को ग्रेच्युटी भुगतान अधिनियम, 1972 के प्रावधानों का सख्ती से पालन करने के लिए जागरूक किया गया। अपीलीय प्राधिकारी ने समय पर ग्रेच्युटी भुगतान, वैधानिक अभिलेखों के समुचित रखरखाव तथा श्रमिकों के कानूनी अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
ठेकेदार की ओर से भविष्य में अधिनियम का पूर्ण अनुपालन करने तथा सभी पात्र कर्मचारियों के ग्रेच्युटी दावों का समयबद्ध निपटान सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया गया।



