जलालाबाद में जैन संत 108 नयन सागर महाराज का मंगल प्रवेश, श्रद्धालुओं को दिया धर्म और संस्कारों का संदेश
जलालाबाद 26 जून । एटा में होने वाले चातुर्मास हेतु विहाररत जैन संत 108 नयन सागर जी महाराज का शुक्रवार को जलालाबाद स्थित प्रसिद्ध पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र में मंगल प्रवेश हुआ। उनके आगमन से जैन समाज एवं नगरवासियों में धार्मिक उत्साह और श्रद्धा का वातावरण व्याप्त हो गया।
प्रातःकाल नानौता निर्मलायन से विहार करते हुए महाराज श्री जलालाबाद पहुंचे, जहां जैन समाज के श्रद्धालुओं ने उनका श्रद्धाभाव के साथ भव्य स्वागत किया। श्रद्धालुओं ने चरण पखारकर एवं चरण वंदना कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
महाराज श्री ने सर्वप्रथम भगवान पार्श्वनाथ के दर्शन एवं पूजा-अर्चना की। इसके उपरांत मंदिर में उपस्थित श्रद्धालुओं को अपने मंगल प्रवचनों के माध्यम से धर्म का संदेश देते हुए कहा कि अहिंसा, सत्य, संयम और सदाचार ही मानव जीवन की वास्तविक पूंजी हैं। उन्होंने कहा कि जीवन को सफल और सार्थक बनाने के लिए धर्म के मार्ग पर चलना तथा उत्तम संस्कारों को अपनाना अत्यंत आवश्यक है।
प्रवचन के पश्चात श्रद्धालुओं ने महाराज श्री से आशीर्वाद प्राप्त किया। सायंकाल वे एटा में चातुर्मास हेतु अपने विहार के अग

ले पड़ाव के लिए प्रस्थान कर गए।
महाराज श्री के मंगल प्रवेश एवं प्रेरणादायी प्रवचनों से जैन समाज सहित समस्त नगरवासियों में आध्यात्मिक चेतना और धार्मिक उल्लास का वातावरण बना रहा।
इस अवसर पर सुषील जैन, सुनील जैन, अनिल जैन, पं. सनत जैन, सतीश जैन, राहुल जैन, संदीप जैन, ऋषभ जैन, मोहित जैन, विनीत जैन, नितिन जैन एवं अनिरुद्ध जैन सहित सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, देवबंद तथा एटा से आए बड़ी संख्या में जैन समाज के श्रद्धालु उपस्थित रहे।

