टीबी मुक्त भारत अभियान में सुस्ती पर मुख्य सचिव सख्त, कम प्रगति वाले सीएमओ को प्रतिकूल प्रविष्टि के निर्देश

देहरादून,18 जून 2026। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने गुरुवार को जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा करते हुए कुछ जनपदों में धीमी प्रगति पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन जनपदों में मरीजों का सामान्य जांच आकलन प्रतिशत 60 प्रतिशत से कम है, वहां के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (सीएमओ) को प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाए।
मुख्य सचिव ने अभियान के तहत अगले एक सप्ताह के भीतर मरीजों की सामान्य जांच आकलन प्रक्रिया को शत-प्रतिशत पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस कार्य में उच्च संवेदनशील एवं जोखिम वाले गांवों को प्राथमिकता दी जाए। साथ ही डीजी हेल्थ स्तर पर अभियान की प्रतिदिन समीक्षा और निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने कम स्क्रीनिंग वाले जनपदों पर विशेष ध्यान देने तथा सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को टीबी मरीजों की स्क्रीनिंग बढ़ाने के निर्देश दिए। अभियान को अधिक प्रभावी बनाने के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में मातृ स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने गर्भावस्था की प्रथम तिमाही में पंजीकरण बढ़ाने और प्रसवपूर्व देखभाल (एएनसी) को मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समय पर पंजीकरण से उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की पहचान और बेहतर प्रबंधन संभव हो सकेगा।
मुख्य सचिव ने हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी और प्रसव के बाद उच्च जोखिम वाली माताओं की पहचान एवं प्रबंधन को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए, ताकि रोकी जा सकने वाली मातृ मृत्यु दर में कमी लाई जा सके। उन्होंने सभी जनपदों में एएनसी जांच बढ़ाने और जन्म प्रतीक्षा गृहों (बर्थ वेटिंग होम्स) की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। आवश्यकता पड़ने पर महिला एवं बाल विकास विभाग के वन स्टॉप सेंटरों का उपयोग भी इस उद्देश्य के लिए किए जाने की बात कही।
मानसून सीजन को देखते हुए मुख्य सचिव ने दूरस्थ क्षेत्रों की चिन्हित हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं को समय रहते बर्थ वेटिंग होम्स में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए, ताकि सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक में प्रमुख सचिव एल. फैनाई, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव शैलेश बगौली, नितेश झा, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, चंद्रेश कुमार यादव, डॉ. आर. राजेश कुमार, बृजेश कुमार संत, विनय शंकर पाण्डेय, डॉ. एस.एन. पाण्डेय, विनोद कुमार सुमन, आयुक्त दीपक रावत, आनन्द स्वरूप सहित सभी जनपदों के जिलाधिकारी उपस्थित रहे।


