प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा उत्तराखण्ड : मुख्यमंत्री धामी

देहरादून 13 जून । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मसूरी रोड स्थित एक होटल में आयोजित ‘दैनिक जागरण’ संवादी कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi आजाद भारत के पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं, जिन्हें जनादेश प्राप्त कर सर्वाधिक समय तक देश की सेवा करने का अवसर मिला है। उनके नेतृत्व में देश ने ज्ञान, विज्ञान, शिक्षा, चिकित्सा, खेल और आधारभूत संरचना सहित अनेक क्षेत्रों में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड भी विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। डबल इंजन की सरकार विकास, सुशासन और जनकल्याण की प्रतीक बन चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का उत्तराखण्ड से विशेष लगाव है और प्रधानमंत्री बनने के बाद वे 28 बार देवभूमि का दौरा कर चुके हैं। सीमांत क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने माणा जैसे सीमावर्ती गांवों को राष्ट्रीय और वैश्विक पहचान दिलाई है। प्रधानमंत्री द्वारा दिया गया संदेश कि सीमावर्ती गांव देश के अंतिम नहीं बल्कि प्रथम गांव हैं, आज विकास की नई सोच का आधार बन चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश के समग्र विकास के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। प्रदेश में 2.65 लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं, जबकि माणा गांव की सभी महिलाएं इस श्रेणी में शामिल हो चुकी हैं। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड में शीतकालीन यात्रा की शुरुआत की गई, जिससे पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिली है। राष्ट्रीय खेलों और जी-20 जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के सफल आयोजन ने भी राज्य की पहचान को मजबूत किया है।
उन्होंने बताया कि राज्य में आधारभूत संरचना के क्षेत्र में तेजी से कार्य हो रहा है और तीर्थाटन व पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से लोगों की आय में वृद्धि हुई है। पिछले तीन वर्षों में 23 करोड़ से अधिक पर्यटकों और श्रद्धालुओं के उत्तराखण्ड आगमन से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा संवेदनशील राज्य होने के बावजूद उत्तराखण्ड ने विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं का सफलतापूर्वक सामना किया है और त्वरित राहत एवं पुनर्वास कार्यों को वैश्विक स्तर पर सराहना मिली है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में राज्य सरकार ने जनभावनाओं के अनुरूप अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने वाला उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य बना है। युवाओं को पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया उपलब्ध कराने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। इसके परिणामस्वरूप पिछले पांच वर्षों में 33 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति प्रदान की गई है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और राज्य सरकार के सतत प्रयासों से उत्तराखण्ड आने वाले वर्षों में विकास, रोजगार, पर्यटन और सुशासन के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी मजबूत पहचान स्थापित करेगा।



