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सीएसआईआर-सीबीआरआई, रुड़की ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर 13 स्वदेशी टेक्नोलॉजी उद्योगों को हस्तांतरित कीं

सतत भवन प्रौद्योगिकी एवं स्वच्छ ऊर्जा नवाचारों में सीएसआईआर-सीबीआरआई की महत्वपूर्ण उपलब्धि

“स्मार्ट विलेज” पहल के माध्यम से ग्रामीण विकास हेतु विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी आधारित समाधान

• 13 स्वदेशी टेक्नोलॉजी का उद्योगों को हस्तांतरण, सतत विकास एवं ऊर्जा सुरक्षा को मिलेगा बढ़ावा

नई दिल्ली,11 मई 2026 – सीएसआईआर-केन्द्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर-सीबीआरआई), रुड़की ने 11 मई 2026 को सीएसआईआर, नई दिल्ली स्थित श्री शांति स्वरूप भटनागर सभागार में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस मनाया। कार्यक्रम में डॉ. (श्रीमती) एन. कलैसेल्वी, महानिदेशक, सीएसआईआर एवं सचिव, डीएसआईआर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं, जबकि प्रो. आर. प्रदीप कुमार, निदेशक, सीएसआईआर-सीबीआरआई, रुड़की भी समारोह में मौजूद रहे। कार्यक्रम का समन्वयन आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. अजय चौरसिया, संयोजक डॉ. एस. के. पाणिग्रही, श्रीमती गायत्री देवी, एस.टी.ओ. तथा प्रो. एस. के. सिंह द्वारा किया गया। इस अवसर पर संस्थान ने सतत भवन प्रौद्योगिकी एवं स्वच्छ ऊर्जा नवाचारों के क्षेत्र में अपने महत्वपूर्ण योगदानों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम के दौरान प्रो. आर. प्रदीप कुमार ने संस्थान की अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए भारत के गांवों की वर्तमान स्थिति एवं विकासात्मक आवश्यकताओं के संदर्भ में नवीनतम “स्मार्ट विलेज” पहल पर चर्चा की। उन्होंने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी आधारित हस्तक्षेपों के माध्यम से ग्रामीण जीवन स्तर में सुधार की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि सीएसआईआर के पास देश के विभिन्न जलवायु क्षेत्रों के अनुरूप अनेक उपयोगी टेक्नोलॉजी उपलब्ध हैं। इसके उपरांत डॉ. किशोर सीताराम कुलकर्णी के समन्वयन में “स्मार्ट विलेज सीएसआईआर इनिशिएटिव्स” विषय पर वीडियो क्लिप का विमोचन तथा श्री विनीत कुमार सैनी के समन्वयन में संस्थान की वार्षिक रिपोर्ट का लोकार्पण किया गया।

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण सीएसआईआर-सीबीआरआई द्वारा विकसित 13 स्वदेशी टेक्नोलॉजी का विभिन्न उद्योगों को औपचारिक हस्तांतरण रहा। इन टेक्नोलॉजी में फायर रिटार्डेंट इंट्यूमेसेंट कोटिंग, वुड एवं वुड सब्स्टीट्यूट सरफेस हेतु ट्रांसपेरेंट फायर रिटार्डेंट कोटिंग, रिइन्फोर्स्ड कंक्रीट स्ट्रक्चर्स हेतु आईपीएन कोटिंग, सोलर-असिस्टिड हीट पम्प सिस्टम, लो-कार्बन फुटप्रिंट बर्न्ट क्ले ब्रिक्स टेक्नोलॉजी, प्रीफैब्रिकेटेड हाई-स्ट्रेंथ स्टील कॉर्ड रिइन्फोर्समेंट आधारित वॉल सेफ्टी तकनीक, सी एंड डी वेस्ट आधारित सेल्यूलर लाइटवेट बिल्डिंग प्रोडक्ट्स, पोर्टेबल ब्लॉक एवं ब्रिक मेकिंग मशीन, रियल-टाइम वाइब्रेशन मॉनिटरिंग सिस्टम, बायोमास डिराइव्ड मटेरियल्स टेक्नोलॉजी, स्टैंडअलोन यूवी एयर डिसइन्फेक्शन सिस्टम, ग्रेनाइट वेस्ट आधारित हाई-स्ट्रेंथ पेवर ब्लॉक तथा फायर रिटार्डेंट कोलैप्सिबल टेक्सटाइल स्ट्रक्चर जैसी टेक्नोलॉजी शामिल हैं।
ये टेक्नोलॉजी आवासीय, वाणिज्यिक, उच्च हिमालयी एवं पैन-इंडिया अनुप्रयोगों हेतु विकसित की गई हैं तथा सतत अवसंरचना विकास, स्वच्छ ऊर्जा उपयोग एवं भारत सरकार के सतत विकास और ऊर्जा सुरक्षा के दृष्टिकोण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुई हैं।
डॉ. (श्रीमती) एन. कलैसेल्वी ने विकसित भारत-2047 के दृष्टिकोण को साकार करने में सीएसआईआर-सीबीआरआई के वैज्ञानिकों एवं संपूर्ण सीबीआरआई परिवार के समर्पित प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि संस्थान द्वारा विकसित नवाचारपूर्ण टेक्नोलॉजी देश में सतत विकास, तकनीकी आत्मनिर्भरता तथा जीवन स्तर में सुधार को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने सीएसआईआर स्मार्ट विलेज मिशन परियोजना के अंतर्गत टेक्नोलॉजी के कार्यान्वयन हेतु किए जा रहे प्रयासों की सराहना की तथा गांवों में मूल्य आधारित शिक्षा को शामिल करने का भी सुझाव दिया।

उन्होंने विशेष रूप से नमक श्रमिकों हेतु विकसित फोल्डेबल शेल्टर टेक्नोलॉजी तथा उच्च हिमालयी क्षेत्रों के लिए विकसित सोलर-असिस्टिड हीट पम्प वाटर गीजर टेक्नोलॉजी की सराहना की, जो –25°C तापमान तक प्रभावी रूप से कार्य कर सकती है तथा 55–60°C तक गर्म पानी उपलब्ध करा सकती है। उन्होंने कहा कि ये टेक्नोलॉजी चुनौतीपूर्ण पर्यावरणीय परिस्थितियों में सतत एवं ऊर्जा-कुशल समाधान प्रदान करने में अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होंगी।

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