आरटीई का दायरा इंटरमीडिएट तक बढ़ाए सरकार : रघुनाथ सिंह नेगी
5 प्रतिशत कोटा बढ़ाकर 35-40 फीसदी करने की मांग, गरीब छात्रों के भविष्य पर जताई चिंता
विकासनगर। रघुनाथ सिंह नेगी ने केंद्र सरकार से शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) का दायरा बढ़ाकर इंटरमीडिएट स्तर तक किए जाने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में आठवीं कक्षा तक निशुल्क शिक्षा का प्रावधान गरीब एवं मध्यम वर्गीय परिवारों के बच्चों के भविष्य के साथ न्याय नहीं करता।
पत्रकारों से वार्ता करते हुए जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएम के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा कि आरटीई के तहत निजी विद्यालयों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को केवल आठवीं तक निशुल्क शिक्षा मिलती है। इसके बाद अधिकांश विद्यार्थियों को या तो पढ़ाई छोड़नी पड़ती है अथवा सरकारी विद्यालयों में प्रवेश लेना पड़ता है, जहां शिक्षण व्यवस्था और वातावरण में काफी अंतर होने के कारण बच्चों का भविष्य प्रभावित होता है।
उन्होंने कहा कि सरकार को आरटीई का दायरा इंटरमीडिएट तक बढ़ाना चाहिए, ताकि गरीब परिवारों के बच्चे भी बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सकें और प्रतिस्पर्धात्मक माहौल में आगे बढ़ सकें। नेगी ने यह भी कहा कि वर्तमान में निर्धारित 25 प्रतिशत आरक्षण कोटा पर्याप्त नहीं है। इसे बढ़ाकर कम से कम 35 से 40 प्रतिशत किया जाना चाहिए, जिससे अधिक संख्या में जरूरतमंद विद्यार्थियों को लाभ मिल सके।
रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा कि देश में सांसदों और जनप्रतिनिधियों की सुविधाओं, वेतन-भत्तों और पेंशन पर सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। यदि यही संसाधन गरीब छात्रों की शिक्षा पर लगाए जाएं तो देश की दिशा और दशा दोनों बदल सकती हैं। उन्होंने सरकार से अभिभावकों और छात्रों की पीड़ा को समझते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की।
पत्रकार वार्ता में दलबाग सिंह एवं भीम सिंह बिष्ट भी उपस्थित रहे।


