बिहारी महासभा ने मुख्यमंत्री से की छठ पर सार्वजनिक अवकाश की मांग
देहरादून,02 नवंबर। उत्तराखंड में निवास कर रहे बिहार-पूर्वांचल के लाखों लोगों की आस्था के महापर्व छठ पूजा को लेकर बिहारी महासभा ने उत्तराखंड सरकार से मांग की है। महासभा ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से छठ पर्व पर प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश घोषित करने का आग्रह किया है।
बिहारी महासभा के अध्यक्ष ललन सिंह के नेतृत्व में आज एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री कार्यालय को ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन में कहा गया है कि छठ सिर्फ पर्व नहीं, बल्कि उत्तर भारत की सांस्कृतिक पहचान है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और अब हरियाणा जैसे राज्यों में इस अवसर पर सार्वजनिक अवकाश दिया जाता है।
ललन सिंह ने कहा, “देहरादून, हरिद्वार, हल्द्वानी, रुद्रपुर और काशीपुर सहित पूरे उत्तराखंड में लगभग 15 लाख से अधिक बिहार और पूर्वांचल के लोग निवास करते हैं। छठ के दौरान उन्हें अपने घरों में पूजा-पाठ के लिए समय चाहिए होता है। कई लोग सरकारी और निजी संस्थानों में कार्यरत हैं, जिन्हें छुट्टी न मिलने से पूजा में बाधा आती है।”
महासभा ने अपने पत्र में कहा है कि छठ पर्व प्रकृति, सूर्य और लोक आस्था से जुड़ा विश्व का एकमात्र ऐसा पर्व है, जिसे यूनेस्को तक ने सराहा है। उत्तराखंड देवभूमि है और यहां सभी संस्कृतियों का सम्मान होता है। ऐसे में छठ पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करना प्रवासी समाज के सम्मान का प्रतीक होगा।
इस अवसर पर महासभा के संरक्षक सतेंद्र सिंह, महासचिव चंदन कुमार झा, कोषाध्यक्ष रितेश कुमार सहित कई सदस्य उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि देहरादून में हर साल प्रेम नगर टपकेश्वर चंद्रवणी एवं मालदेवता और अन्य घाटों पर हजारों श्रद्धालु छठ मनाते हैं। यदि अवकाश घोषित होता है तो प्रशासन को व्यवस्था बनाने में भी आसानी होगी और पर्व अधिक भव्यता से मनाया जा सकेगा।