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नारी निकेतन की संवासिनियों और बालिका निकेतन की बालिकाओं को मिला हेयर ग्रूमिंग एवं पर्सनल केयर प्रशिक्षण


देहरादून, 22 अगस्त 2026। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून की पहल पर नारी निकेतन, केदारपुरम में निवासरत संवासिनियों एवं बालिका निकेतन की बालिकाओं के आत्मसम्मान, आत्मविश्वास, व्यक्तिगत स्वच्छता और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विशेष हेयर ग्रूमिंग एवं पर्सनल केयर क्लास का आयोजन किया गया। कार्यक्रम जिला जज एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून हरीश कुमार गोयल के दिशा-निर्देशन तथा प्राधिकरण की सचिव सीमा डुंगराकोटी के मार्गदर्शन में IBI International, देहरादून (पूर्व नाम India Beauty Institute) के सहयोग से आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में नारी निकेतन की 155 संवासिनियों तथा बालिका निकेतन की 18 बालिकाओं को हेयर ग्रूमिंग एवं व्यक्तिगत साज-सज्जा से संबंधित सेवाएं और प्रशिक्षण प्रदान किया गया। IBI International की करीब 35 सदस्यीय छात्र एवं विशेषज्ञ टीम ने प्रातः 10:30 बजे से नारी निकेतन पहुंचकर प्रतिभागियों को हेयर कटिंग, हेयर ग्रूमिंग, आइब्रो ग्रूमिंग सहित व्यक्तिगत स्वच्छता एवं पर्सनल केयर से जुड़ी आवश्यक जानकारी और सुविधाएं उपलब्ध कराईं।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की इस पहल का उद्देश्य केवल सौंदर्य संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि संवासिनियों एवं बालिकाओं में स्वच्छता, आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और गरिमापूर्ण जीवन के प्रति सकारात्मक भावना विकसित करना भी रहा। कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों को विधिक सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनके सामाजिक, स्वास्थ्य एवं कल्याण से जुड़े अधिकारों के संरक्षण के लिए भी निरंतर विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम में आयोजित यह कार्यक्रम ‘कानूनी सहायता से आगे, गरिमापूर्ण जीवन की ओर’ की भावना को सार्थक करता है।
इस अवसर पर IBI International के निदेशक कृष्णा रावत तथा प्रशिक्षक काजल रंसवाल, सूरज कटारिया और सानिया चौहान सहित पूरी टीम ने स्वैच्छिक रूप से सहयोग प्रदान किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने इस मानवीय एवं सामाजिक पहल के लिए IBI International की टीम का आभार व्यक्त किया।
सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सीमा डुंगराकोटी ने कहा कि नारी निकेतन में निवासरत प्रत्येक महिला को सम्मान, अपनत्व और आत्मविश्वास के साथ जीवन जीने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि ग्रूमिंग केवल बाहरी रूप-रंग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के आत्मविश्वास, आत्मसम्मान और मानसिक प्रसन्नता से भी जुड़ी है। विशेष आवश्यकताओं वाली महिलाओं के चेहरे पर मुस्कान और जीवन में आत्मविश्वास लाने की दिशा में यह पहल छोटा, लेकिन सार्थक प्रयास है।
उन्होंने कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों एवं संस्थाओं की सहभागिता से ही संवेदनशील, समावेशी और गरिमापूर्ण समाज का निर्माण संभव है।

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