उत्तराखण्डसंस्कृति

लोक संवर्धन पर्व के दूसरे दिन ज्योति नूरां की प्रस्तुति ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध

दूसरे दिन बड़ी संख्या में आगंतुकों ने पारंपरिक शिल्प, क्षेत्रीय व्यंजन और लाइव क्राफ्ट प्रदर्शन का लिया आनंद।

निसबड के ज्ञान सत्र में कारीगरों एवं उद्यमियों को उद्यमिता, ब्रांडिंग और डिजिटल मार्केटिंग की दी गई जानकारी।

– 13 जुलाई को किशन महिपाल, विवेक नौटियाल एवं माया उपाध्याय की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी।

देहरादून,12 जुलाई 2026: भारत सरकार के अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा उत्तराखण्ड सरकार के उत्तराखण्ड अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ विकास निगम के सहयोग से परेड ग्राउंड, देहरादून में आयोजित छठे लोक संवर्धन पर्व के दूसरे दिन बड़ी संख्या में आगंतुकों ने महोत्सव में भाग लेकर भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक शिल्पकला, क्षेत्रीय व्यंजनों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लिया। पांच दिवसीय महोत्सव में देशभर के कारीगरों, बुनकरों, शिल्पकारों एवं उद्यमियों को अपनी कला और उत्पादों के प्रदर्शन के लिए एक राष्ट्रीय मंच उपलब्ध कराया गया है।

महोत्सव में लगाए गए 150 से अधिक प्रदर्शनी स्टॉलों पर पारंपरिक हस्तशिल्प, हथकरघा वस्त्र, विरासत शिल्प एवं क्षेत्रीय उत्पाद प्रदर्शित किए गए। मास्टर कारीगरों द्वारा आयोजित लाइव क्राफ्ट डेमोंस्ट्रेशन के माध्यम से आगंतुकों को पारंपरिक शिल्पकला की बारीकियों और भारत की समृद्ध हस्तशिल्प परंपराओं को निकट से जानने का अवसर मिला। फूड कोर्ट में उत्तराखण्ड के पारंपरिक पहाड़ी एवं कुमाऊंनी व्यंजनों के साथ देश के विभिन्न क्षेत्रों के लोकप्रिय व्यंजनों का भी आकर्षण बना रहा।

दिन के दौरान आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में बच्चों एवं वयस्कों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा भारत की सांस्कृतिक विविधता एवं विरासत पर आधारित अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के परिणाम महोत्सव के अंतिम दिन घोषित किए जाएंगे।

कारीगरों एवं उद्यमियों की क्षमता वृद्धि के उद्देश्य से राष्ट्रीय उद्यमिता एवं लघु व्यवसाय विकास संस्थान (निसबड) द्वारा एक संवादात्मक ज्ञान सत्र आयोजित किया गया। राज्य प्रमुख श्री बीरेंद्र सिंह सजवाण एवं श्री शैलेश रावत द्वारा संचालित इस सत्र में उद्यमिता विकास, व्यवसाय विस्तार, ब्रांडिंग, डिजिटल मार्केटिंग तथा बाजार से जुड़ाव जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। प्रतिभागियों को अपने उद्यमों को सशक्त बनाने और बाजार तक पहुंच बढ़ाने के लिए व्यावहारिक मार्गदर्शन भी दिया गया।

इस अवसर पर उत्तराखण्ड सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर ने कहा कि लोक संवर्धन पर्व भारत की जीवंत सांस्कृतिक परंपराओं और कारीगरों की असाधारण प्रतिभा का उत्सव है। उन्होंने कहा कि आगंतुकों की उत्साहपूर्ण सहभागिता स्वदेशी शिल्प के प्रति बढ़ती रुचि का परिचायक है तथा यह आयोजन कारीगरों को बाजार से जुड़ाव, व्यवसाय विस्तार और स्थायी आजीविका के नए अवसर उपलब्ध करा रहा है।

उत्तराखण्ड अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ विकास निगम की निदेशक सुश्री दीप्ति सिंह ने कहा कि यह महोत्सव कारीगरों, उद्यमियों और आगंतुकों के लिए एक ऐसा साझा मंच बन गया है, जहां शिल्प, संस्कृति और नवाचार का संगम देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनियों, ज्ञान सत्रों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से लोक संवर्धन पर्व न केवल कारीगरों को सशक्त बना रहा है, बल्कि देश की समृद्ध पारंपरिक विरासत के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

शाम के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत उत्तराखण्ड के प्रसिद्ध लोक गायक नरेश बादशाह की प्रस्तुति से हुई, जिन्होंने अपने लोकप्रिय लोकगीतों के माध्यम से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके उपरांत प्रसिद्ध बॉलीवुड एवं पंजाबी गायिका ज्योति नूरां ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति से उपस्थित दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। उन्होंने ‘पटाखा गुड्डी’, ‘वारी जावां’, ‘तेरा नूर’ और ‘पांव की जुत्ती’ सहित अनेक लोकप्रिय गीत प्रस्तुत किए, जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा।

लोक संवर्धन पर्व 15 जुलाई 2026 तक प्रतिदिन प्रातः 11:30 बजे से रात्रि 9:00 बजे तक परेड ग्राउंड, देहरादून में आम जनता के लिए खुला रहेगा। महोत्सव में प्रवेश सभी आगंतुकों के लिए निःशुल्क है। 13 जुलाई 2026 को सांस्कृतिक संध्या में उत्तराखण्ड के प्रसिद्ध लोक कलाकार किशन महिपाल, विवेक नौटियाल एवं माया उपाध्याय अपनी प्रस्तुतियां देंगे।

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