स्वदेशी जागरण मंच का दो दिवसीय ‘प्रांत विचार वर्ग’ संपन्न, स्वदेशी विचार और संगठन सशक्तीकरण पर हुआ व्यापक मंथन
देहरादून, 28 जून। स्वदेशी जागरण मंच, उत्तराखंड प्रांत का दो दिवसीय ‘प्रांत विचार वर्ग’ (प्रशिक्षण शिविर) रविवार को राजपुर रोड स्थित स्वामी रामतीर्थ आश्रम में सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। शिविर में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों ने भाग लिया। दो दिनों तक चले इस वैचारिक प्रशिक्षण वर्ग में संगठन, स्वदेशी विचार, स्वावलंबन तथा भविष्य की कार्ययोजना सहित 14 महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से मंथन किया गया।
शिविर के उद्घाटन सत्र में अखिल भारतीय संघटक कश्मीरी लाला ने ‘स्वदेशी का वैचारिक अधिष्ठान’ विषय पर अपने विचार रखते हुए स्वदेशी और स्वावलंबन की अवधारणा को वर्तमान समय की आवश्यकता बताया। उन्होंने स्वदेशी की विकास यात्रा और बदलते समय में ‘युगानुकूल स्वदेशी’ की प्रासंगिकता पर भी प्रकाश डाला।
प्रांत सह संयोजक गौरव कुमार ने बताया कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से ‘उद्यमिता विकास-प्रशिक्षण प्रक्रिया एवं स्वावलंबन केंद्र’ की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए स्वदेशी मेलों के आयोजन, उनकी प्रक्रिया और प्रशिक्षण पर भी मार्गदर्शन दिया गया।
शिविर में संगठन विस्तार को लेकर पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं की भूमिका, कार्यकर्ताओं के गुण, व्यवहार, टीम वर्क तथा संगठन की कार्यपद्धति पर विशेष सत्र आयोजित किए गए। आर्थिक, सामाजिक एवं सरकारी संगठनों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए ‘प्लगइन सिस्टम’ की कार्यप्रणाली भी समझाई गई।
समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से महिला, युवा एवं वरिष्ठ नागरिक आयामों पर विशेष रणनीति तैयार की गई। कार्यकर्ताओं को संगठन के प्रेरणास्रोत श्रद्धेय दत्तोपंत ठेंगड़ी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय, बाबू गेनू सहित अन्य स्वदेशी पुरोधाओं के जीवन और विचारों से भी परिचित कराया गया।
स्वदेशी विचारों के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया तथा डिजिटल अभियानों के प्रभावी उपयोग पर भी विशेष प्रशिक्षण दिया गया। इसके अलावा संगठन के कार्यालय संचालन, वित्तीय अनुशासन, बैंक खातों, निधि संग्रह की पारदर्शी व्यवस्था तथा पर्यावरण संरक्षण में संगठन की भूमिका पर भी विस्तृत चर्चा हुई।
शिविर के अंतिम सत्र में आगामी कार्ययोजना की घोषणा करते हुए निर्णय लिया गया कि स्वदेशी के वैचारिक अधिष्ठान और ‘स्वावलंबी भारत अभियान’ को प्रदेश के प्रत्येक जिले, तहसील और ग्राम स्तर तक पहुंचाया जाएगा।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर शिविर के सफल आयोजन के लिए सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं स्वामी रामतीर्थ आश्रम प्रबंधन का आभार व्यक्त किया गया। राष्ट्रगीत के साथ शिविर का समापन हुआ।
इस अवसर पर नितिन जोशी, पद्म शर्मा, सुनील, सुशील कुमार, अजय, सुषमा, अलका, शुभाशीष, अमित शर्मा सहित बड़ी संख्या में प्रांत स्तर के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
