एग्री स्टैक कार्यों में तेजी लाने के निर्देश, किसान पंजीकरण में लापरवाही पर होगी परेशानी: मुख्य सचिव

देहरादून, 02 जून 2026 । मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय से जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एग्री स्टैक, किसान पंजीकरण और डिजिटल क्रॉप सर्वे की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि एग्री स्टैक से जुड़े कार्य प्रदेश के किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता भविष्य में किसानों को सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित कर सकती है।
बैठक में मुख्य सचिव ने बताया कि अंश निर्धारण के कार्य में देहरादून, बागेश्वर, नैनीताल और हरिद्वार जनपदों को विशेष प्रयास करने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को सक्रिय और परिणामोन्मुखी कार्यशैली अपनाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि भविष्य में उर्वरकों (फर्टिलाइजर्स) का वितरण भी किसान पंजीकरण के आधार पर किया जाएगा। इसलिए दैनिक प्रगति की नियमित निगरानी करते हुए किसान पंजीकरण अभियान को गति दी जाए। इसके लिए विशेष शिविर आयोजित कर अधिक से अधिक किसानों का पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजीकरण कार्य अधूरा रहने पर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम किसान) सहित अन्य योजनाओं और उर्वरक वितरण में बाधा आ सकती है।
मुख्य सचिव ने डिजिटल क्रॉप सर्वे के कार्य में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि सर्वेक्षण कर्मियों की कमी को दूर करने के लिए स्वयं सहायता समूहों, युवा मंगल दलों तथा उच्च शिक्षण संस्थानों के छात्रों की सेवाएं ली जा सकती हैं। आवश्यक प्रशिक्षण देकर उन्हें सर्वेक्षण कार्य में लगाया जाए।
उन्होंने किसानों के बीच व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया। मुख्य सचिव ने कहा कि एग्री स्टैक से संबंधित सभी कार्य समयबद्ध ढंग से पूर्ण किए जाएं, अन्यथा केंद्र सरकार की अनेक कृषि योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचने में कठिनाई आ सकती है।
बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव शैलेश बगौली, नितेश कुमार झा, डॉ. वी. षणमुगम, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, एस.एन. पाण्डेय, रंजना राजगुरु सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



