लोक हास्य की विरासत को मिलेगी नई पहचान, 4 अगस्त को मनाया जाएगा ‘लोक हास्य दिवस’
घन्ना भाई फाउंडेशन का भव्य आयोजन, चार विशिष्ट विभूतियों को मिलेगा प्रतिष्ठित ‘घन्ना भाई सम्मान’; लोक
देहरादून,
3 अगस्त। उत्तराखंड की समृद्ध लोक हास्य परंपरा, लोक संस्कृति और पारंपरिक जीवनशैली को संरक्षण देने तथा इसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से घन्ना भाई फाउंडेशन की ओर से 4 अगस्त को ‘लोक हास्य दिवस’ के अवसर पर भव्य एवं गरिमामय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम अपराह्न 3 बजे संस्कृति विभाग उत्तराखंड के प्रेक्षागृह, देहरादून में आयोजित होगा।
फाउंडेशन पदाधिकारियों के अनुसार आयोजन का उद्देश्य उत्तराखंड की विशिष्ट लोक हास्य परंपरा को मंच प्रदान करने के साथ-साथ हास्य कला के माध्यम से समाज में सकारात्मक सोच, आपसी भाईचारे, एकता और मानवीय मूल्यों को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि हास्य महज मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह सामाजिक सरोकारों को सहज और प्रभावी ढंग से सामने रखने तथा समाज को जोड़ने का सशक्त माध्यम भी है।
चार विभूतियों को मिलेगा ‘घन्ना भाई सम्मान’
कार्यक्रम के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, कला एवं संस्कृति, सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार तथा समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली कम से कम चार विशिष्ट विभूतियों को प्रतिष्ठित ‘घन्ना भाई सम्मान’ से सम्मानित किया जाएगा। सम्मान समारोह में अपने-अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विभूतियों के कार्यों को रेखांकित करते हुए उनके सामाजिक एवं सांस्कृतिक योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त किया जाएगा।
लोक संस्कृति पर आधारित हास्य नाटक बनेगा आकर्षण
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण उत्तराखंड की लोक संस्कृति, परंपराओं और पारंपरिक जीवनशैली पर आधारित विशेष लोक हास्य नाटक का मंचन होगा। नाटक के माध्यम से उत्तराखंड की लोकजीवन की विविध छवियों, सामाजिक सरोकारों और हास्य की पारंपरिक शैली को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
इसके साथ ही प्रदेश के नवोदित हास्य कलाकारों, कॉमेडियन और रंगकर्मियों को भी अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। इससे जहां उभरते कलाकारों को मंच मिलेगा, वहीं लोक हास्य की विधा से जुड़ी नई प्रतिभाओं को प्रोत्साहन भी मिलेगा।
वरिष्ठ कलाकारों और साहित्यकारों की रहेगी भागीदारी
आयोजन में साहित्य, रंगमंच, संगीत, कला तथा सामाजिक-सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े अनेक वरिष्ठ कलाकार, साहित्यकार, रंगकर्मी, संगीतकार और सामाजिक कार्यकर्ता भी शामिल होंगे। कार्यक्रम के माध्यम से लोक संस्कृति और हास्य कला के क्षेत्र में कार्य कर रहे कलाकारों को एक साझा मंच पर लाने का प्रयास किया जाएगा।
फाउंडेशन पदाधिकारियों ने कहा कि बदलते दौर में लोक परंपराओं को संरक्षित करना और उन्हें आधुनिक पीढ़ी तक पहुंचाना बेहद आवश्यक है। इसी उद्देश्य से ‘लोक हास्य दिवस’ के आयोजन को एक ऐसे मंच के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है, जहां मनोरंजन के साथ-साथ उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक मूल्यों का संदेश भी लोगों तक पहुंचे।
युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना उद्देश्य
घन्ना भाई फाउंडेशन का कहना है कि उत्तराखंड की लोक हास्य परंपरा में स्थानीय बोली-भाषा, रीति-रिवाज, सामाजिक जीवन और पहाड़ी संस्कृति की गहरी झलक देखने को मिलती है। इस परंपरा को नई ऊर्जा देने और युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के लिए ऐसे आयोजनों की निरंतर आवश्यकता है।
फाउंडेशन ने प्रदेशवासियों, कला प्रेमियों और विभिन्न सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनों से कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की है। पदाधिकारियों ने कहा कि आमजन की भागीदारी से कलाकारों का उत्साह बढ़ेगा और उत्तराखंड की समृद्ध लोक हास्य परंपरा के संरक्षण एवं संवर्धन के इस अभियान को मजबूती मिलेगी।
