उत्तराखण्डजनसुनवाई

जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई ने सुनीं जनता की समस्याएं, त्वरित निस्तारण के दिए निर्देश

सीएम हेल्पलाइन: शिकायतकर्ता से सीधे बात कर डीएम ने परखी जमीनी हकीकत

पिथौरागढ़,18 मई 2026 । जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में आज जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई की अध्यक्षता में साप्ताहिक जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। जनसुनवाई में जनपद के दूरस्थ क्षेत्रों से पहुंचे ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों ने पेयजल, सड़क, आपदा सुरक्षा, भूमि विवाद, स्वास्थ्य सेवाएं, राशन कार्ड, प्रशासनिक अनियमितताओं एवं विकास कार्यों से संबंधित शिकायतें एवं सुझाव प्रशासन के समक्ष रखे।

जिलाधिकारी ने सभी मामलों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा अधिकारी स्थलीय निरीक्षण कर समस्याओं का व्यावहारिक समाधान सुनिश्चित करें।

जनसुनवाई में ग्राम पंचायत रांथी (धारचूला) में सड़क चौड़ीकरण एवं कटिंग कार्य पूर्ण कराने, जयकोट क्षेत्र में एनपीसीसी अधिकारियों की कार्यप्रणाली की जांच, कपिलेश्वर महादेव मंदिर में पेयजल व्यवस्था सुधारने, बंजर भूमि को मार्ग हेतु उपयोग में लाने तथा जल जीवन मिशन के अंतर्गत कराए गए कार्यों की गुणवत्ता जांच संबंधी प्रकरण प्रमुखता से उठे। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई करते हुए जांच आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

इसके अतिरिक्त मदकोट, गोरिपार एवं मुनस्यारी क्षेत्र से आए जनप्रतिनिधियों ने पेयजल संकट, ग्रामीण बैंक शाखा खोलने, आपदा सुरक्षा कार्यों तथा लंबित विकास योजनाओं पर शीघ्र कार्रवाई की मांग उठाई। वहीं स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने हेतु जिला चिकित्सालय में अतिरिक्त नर्सों की तैनाती तथा विद्यालयों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल टैंक निर्माण की मांग भी प्रमुखता से सामने आई।

जनसुनवाई के दौरान राशन कार्डों में अनियमितता, सड़क निर्माण से उत्पन्न समस्याएं, कर्मचारियों के वेतन संबंधी प्रकरण, कृषि भवन मरम्मत, पैदल मार्ग निर्माण तथा ग्रामीण क्षेत्रों की मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मामलों पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक जांच कर त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

महिला सुरक्षा एवं प्रशासनिक पारदर्शिता से जुड़े मामलों में जिलाधिकारी ने गंभीर रुख अपनाते हुए सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत गलत सूचना उपलब्ध कराने के आरोपों की निष्पक्ष जांच के आदेश दिए। साथ ही महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों में विशाखा समिति के दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु पुलिस विभाग को निर्देशित किया गया।

अंत में जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों एवं उनके निस्तारण की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने स्वयं शिकायतकर्ताओं से दूरभाष पर वार्ता कर यह जानकारी प्राप्त की कि उनकी समस्याओं का समाधान संतोषजनक रूप से हुआ है अथवा नहीं।

जिलाधिकारी ने समस्त अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत प्राप्त होते ही संबंधित शिकायतकर्ता से अनिवार्य रूप से संपर्क किया जाए। शिकायतकर्ता की समस्या को गंभीरता से सुनते हुए उसका संतोषजनक समाधान सुनिश्चित किया जाए तथा शिकायत का निस्तारण करने के उपरांत ही पोर्टल पर उसे बंद किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि शिकायत के निस्तारण के बाद पुनः शिकायतकर्ता को दूरभाष के माध्यम से अवगत कराया जाए कि उनकी समस्या का समाधान कर दिया गया है।

जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता जनता की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान है। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनशिकायतों को गंभीरता से लेते हुए निर्धारित समयावधि के भीतर उनका संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन का प्रशासन के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हो सके। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता, संवेदनशीलता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए तथा प्रत्येक प्रकरण का समयबद्ध एवं प्रभावी समाधान किया जाए।

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह, विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी एवं तहसील प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे।

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