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ऋषिकेश में ‘कल्याण’ पत्रिका के शताब्दी अंक का विमोचन, अमित शाह बोले – भारतीय संस्कृति की वैचारिक शक्ति पुनर्स्थापित कर रही मोदी सरकार

ऋषिकेश 21 जनवरी 2026 ।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने मंगलवार को उत्तराखंड के ऋषिकेश में गीता प्रेस द्वारा प्रकाशित मासिक पत्रिका ‘कल्याण’ के शताब्दी अंक के विमोचन समारोह को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने लक्ष्मीनारायण मंदिर एवं मां गंगा के दर्शन-पूजन भी किए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में श्री अमित शाह ने कहा कि आज पूरी दुनिया अपनी समस्याओं के समाधान के लिए भारतीय संस्कृति की ओर देख रही है और गीता प्रेस से भारत ही नहीं, विश्व का कोई भी व्यक्ति अनजान नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि पूज्य हनुमान प्रसाद पोद्दार जी ने गीता प्रेस के माध्यम से पिछले 103 वर्षों से सनातन धर्म की लौ को प्रज्ज्वलित रखा है और करोड़ों लोगों को भक्ति व अध्यात्म की ओर प्रेरित किया है।
गृह मंत्री ने कहा कि गीता प्रेस मुनाफे के लिए नहीं, बल्कि पीढ़ियों के निर्माण के लिए कार्य करता है। यह संस्थान स्वावलंबी तरीके से सद्साहित्य को जन-जन तक पहुंचा रहा है। उन्होंने कहा कि ‘कल्याण’ केवल एक पत्रिका नहीं, बल्कि भारतीयों के लिए आध्यात्मिक पथप्रदर्शक है, जिसने हर संकट में भारतीय संस्कृति के दीप को जलाए रखा।
श्री शाह ने कहा कि कल्याण के 100 वर्ष पूरे होना एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। इसकी शुरुआत से लेकर आज तक हर शब्द, हर वाक्य और हर अंक सनातन धर्म एवं भारतीय संस्कृति को समर्पित रहा है। उन्होंने बताया कि गीता प्रेस ने आदि शंकराचार्य की उपनिषदों पर की गई मीमांसा सहित अनेक महत्वपूर्ण ग्रंथों को जनसामान्य तक पहुंचाने का काम किया है।
उन्होंने कहा कि 1950 के दशक में जब पाश्चात्य प्रभाव वाली नीतियां बन रही थीं, तब ‘कल्याण’ के ‘हिंदू संस्कृति अंक’ के माध्यम से गीता प्रेस ने देश को वैचारिक दिशा दी। आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को राष्ट्र की नीतियों के मूल में समाहित किया जा रहा है।
श्री अमित शाह ने कहा कि कल्याण ने हमें सिखाया कि सभ्यताएं तलवार से नहीं, बल्कि शब्दों और ज्ञान से खड़ी होती हैं और शब्द तभी प्रभावी होते हैं जब वे सत्य और सत्व के प्रकाश से चमकते हों। उन्होंने यह भी स्मरण कराया कि महात्मा गांधी ने कल्याण में कभी विज्ञापन न छापने की सलाह दी थी, जिसे आज तक निभाया गया है।
गृह मंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि युवाओं में बड़ा गुणात्मक परिवर्तन आया है। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, सोमनाथ मंदिर पुनर्निर्माण, केदारनाथ-बद्रीनाथ धाम का विकास, देशभर में तीर्थ स्थलों का पुनर्जागरण, धारा 370 की समाप्ति जैसे कदम भारत की सांस्कृतिक चेतना के पुनरुत्थान के प्रतीक हैं।
उन्होंने कहा कि मोदी जी जब विश्व मंच पर हिंदी में बोलते हैं तो देशवासियों का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। साथ ही विदेशों से 642 से अधिक प्राचीन मूर्तियों की वापसी और पुनर्स्थापना भी हमारी सांस्कृतिक विरासत की पुनर्प्रतिष्ठा का उदाहरण है।
अंत में श्री अमित शाह ने कहा कि करोड़ों संतों के अथक प्रयासों और गीता प्रेस एवं ‘कल्याण’ जैसी पत्रिकाओं के माध्यम से सनातन संस्कृति की लौ हर कालखंड में जलती रही है और आने वाली पीढ़ियों को दिशा देती

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