उत्तराखण्डधर्म-संस्कृति

सूचना एवं लोक सम्पर्क निदेशालय में मनाई गई स्व. इंद्रमणि बडोनी की जयंती, लोक संस्कृति कार्यक्रमों के साथ दी गई श्रद्धांजलि

देहरादून 24 दिसंबर । सूचना एवं लोक सम्पर्क निदेशालय में बुधवार को उत्तराखण्ड के गांधी के नाम से विख्यात महान राज्य आंदोलनकारी स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी की जयंती के अवसर पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने स्व. बडोनी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
स्व. इंद्रमणि बडोनी की जयंती को उत्तराखण्ड लोक संस्कृति दिवस के रूप में मनाए जाने के दृष्टिगत कार्यक्रम में लोक संस्कृति पर आधारित विविध प्रस्तुतियां भी दी गईं, जिनके माध्यम से राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को रेखांकित किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संयुक्त निदेशक डॉ. नितिन उपाध्याय ने स्व. बडोनी के जीवन परिचय और उत्तराखण्ड राज्य निर्माण आंदोलन में उनके अमूल्य योगदान का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि स्व. इंद्रमणि बडोनी ने राज्य आंदोलन को नई दिशा और चेतना प्रदान की। राज्य आंदोलनकारियों के त्याग, तपस्या और बलिदान के परिणामस्वरूप ही उत्तराखण्ड राज्य का गठन संभव हो पाया। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों के सपनों और विजन के अनुरूप राज्य को विकास के पथ पर अग्रसर करना हम सभी का दायित्व है।
उपनिदेशक मनोज श्रीवास्तव ने अपने वक्तव्य में कहा कि स्व. इंद्रमणि बडोनी केवल एक प्रखर राज्य आंदोलनकारी ही नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड की लोक संस्कृति, परंपराओं और पहाड़ी अस्मिता के सशक्त प्रवक्ता भी थे। उन्होंने लोक गीत-संगीत, स्थानीय भाषा और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण पर विशेष बल दिया तथा सदैव यह माना कि संस्कृति के बिना पहचान अधूरी है।
कार्यक्रम में विभाग के अन्य अधिकारियों ने भी स्व. बडोनी के योगदान को स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर सूचना एवं लोक सम्पर्क निदेशालय के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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