गीतकार शिव मोहन सिंह द्वारा रचित पुस्तक “ज्यों कुहरे में धूप” की चर्चा “फुलवारी” में

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देहरादून 13 मई । “फुलवारी” यानी अनिल रतूड़ी जी IPS, पूर्व डीजीपी, जो कि वरिष्ठ साहित्यकार भी हैं तथा श्रीमती राधा रतूड़ी जी IAS,जो मुख सचिव उत्तराखंड भी हैं का देहरादून निवास इन दिनों साहित्य चर्चा के केंद्र में है। सुप्रसिद्ध गीतकार शिवमोहन सिंह की पुस्तक “ज्यों कुहरे में धूप” दोहा संग्रह का चर्चा हेतु चयन किया गया तथा विद्वान साहित्यकारों तथा सुधी पाठकों के मध्य लेखकीय संवाद के साथ सार्थक चर्चा हुई। मुख्य वार्ताकार रहे वरिष्ठ साहित्यकार अनिल रतूड़ी जी स्वयं तथा सहयोगी के रूप में सुश्री भारती मिश्रा हिन्दी शिक्षक। कार्यक्रम में सर्वप्रथम आ. राधा रतूड़ी जी ने सभी साहित्यकारों तथा साहित्यानुरागी प्रबुद्ध जन का स्वागत किया। तत्पश्चात आ. अनिल रतूड़ी जी IPS ने पुस्तक के लेखक का पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया, साथ ही अपने सहयोगी वार्ताकार सुश्री भारती मिश्रा का भी पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया गया। विद्वान साहित्यकारों में डॉ॰ सुधा रानी पांडेय जी पूर्व कुलपति, डॉ॰ बुद्धिनाथ मिश्र जी अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त गीतकार, श्री असीम शुक्ल जी , प्रो. राम विनय सिंह जी, ललित मोहन रयाल जीIAS, श्रीमती डाॅली डबराल जी , डॉ॰ विद्या सिंह जी, अनिल भारती जी प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर आकाशवाणी केंद्र देहरादून, डॉ॰ इंदु अग्रवाल जी, डॉ॰ उषा झा रेणु जी,शायर शादाब अली जी, सुश्री अनुराधा जुगरान जी ने पुस्तक विषयक अपने सारगर्भित प्रश्नों के साथ प्रमुख रूप से लेखक के साथ संवाद कायम किया तथा विस्तृत चर्चा हुई। इस अवसर पर श्रीमती रुचि रयाल जीIAS ,शिक्षाविद डॉ मुनीराम सकलानी संपादक, श्री रजनीश त्रिवेदी संपादक नवोदय प्रवाह, वीना बेंजवाल, अनिल अग्रवाल, डॉ॰ शम्भू कुमार झा, कविता बिष्ट सहित शहर के वरिष्ठ साहित्यकार, साहित्य अनुरागी गणमान्य जन उपस्थित रहे। फुलवारी का यह साहित्य चर्चा कार्यक्रम साहित्यकारों पाठकों तथा साहित्य अनुरागी प्रबुद्ध जनों के लिए अत्यंत सार्थक प्रेरणाप्रद तथा अनुरंजक रहा। कार्यक्रम के अंत में श्रीमती राधा रतूड़ी जी ने पुस्तक के लेखक श्री शिव मोहन सिंह के व्यक्तित्व व्यवहार तथा लेखन की प्रशंसा करते हुए कहा कि समाज को सही मार्ग पर अग्रसर करने में लेखकों साहित्यकारों की सार्थक भूमिका होनी चाहिए। अंत में चर्चा में प्रतिभागी सभी विद्वानों तथा उपस्थित प्रबुद्ध जन का आभार व्यक्त किया गया।