कोटाबाग में ‘घोड़ा लाइब्रेरी पहाड़ पच्छयाण महोत्सव’ में मुख्यमंत्री धामी, 114 करोड़ से अधिक के 12 विकास कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास
लोकसंस्कृति, शिक्षा और विकास का अद्भुत संगम: मुख्यमंत्री
नैनीताल, कालाढूंगी/कोटाबाग 28 दिसंबर । 




मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल जिले के कालाढूंगी विधानसभा क्षेत्र के कोटाबाग में आयोजित दो दिवसीय ‘घोड़ा लाइब्रेरी पहाड़ पच्छयाण महोत्सव’ में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्र के विकास हेतु 114 करोड़ रुपये से अधिक की लागत के 12 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकसंस्कृति, पुस्तकों और प्रकृति को जोड़ने का घोड़ा लाइब्रेरी का प्रयास अत्यंत सराहनीय है। यह पर्वतीय और दुर्गम क्षेत्रों के बच्चों में पुस्तक संस्कृति को बढ़ावा देने तथा शिक्षा को अंतिम छोर तक पहुंचाने का एक अनूठा और प्रेरणादायी अभियान है, जिसकी सराहना प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भी “मन की बात” कार्यक्रम में की है।
मुख्यमंत्री ने घोड़ा लाइब्रेरी की युवा टीम और इसके प्रेरक श्री शुभम बधानी को बधाई देते हुए कहा कि यह पहल केवल पुस्तकें पहुंचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों के सपनों को नई उड़ान देने का सशक्त माध्यम बन रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि पुस्तकों को केवल परीक्षा तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं, क्योंकि पुस्तकें सच्ची मित्र और मार्गदर्शक होती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। शहरों से लेकर दूरस्थ गांवों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल सुविधाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। साथ ही राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि मानसखंड के पौराणिक मंदिरों—नैनी देवी, कैंची धाम, हनुमानगढ़ी और मुक्तेश्वर धाम—के पुनरुत्थान का कार्य तेजी से प्रगति पर है। इसी क्रम में कोटाबाग के तोक भटकानी स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर का जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण कार्य भी पूर्ण किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए नई शिक्षा नीति लागू की गई है। सभी सरकारी विद्यालयों में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू किया गया है तथा कक्षा 1 से 12 तक निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रदेश में 226 विद्यालयों को ‘पीएम श्री विद्यालय’ के रूप में विकसित किया जा रहा है, जबकि 500 विद्यालयों में वर्चुअल कक्षाएं संचालित हैं। उन्होंने बताया कि व्यावसायिक शिक्षा से 42 हजार विद्यार्थी लाभान्वित हुए हैं और छात्रों को नकलमुक्त वातावरण देने के लिए देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों में 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं। संघ लोक सेवा आयोग, एनडीए, सीडीएस सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल अभ्यर्थियों को साक्षात्कार की तैयारी हेतु ₹50,000 की सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी जैसी स्थानीय भाषाओं के संरक्षण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा महिला स्वयं सहायता समूहों और किसानों से संवाद किया। उन्होंने कोटाबाग के आंवलाकोट स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
कार्यक्रम में सांसद श्री अजय भट्ट, विधायक श्री बंशीधर भगत, श्रीमती सरिता आर्या, श्री दीवान सिंह बिष्ट, श्री मोहन सिंह बिष्ट, मेयर हल्द्वानी नगर निगम श्री गजराज बिष्ट, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री प्रताप बिष्ट, जिलाधिकारी श्री ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टी.सी. सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

