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बड़ी खबर – 🚨 यूपी मेडिकल कॉलेजों में 91% आरक्षण पर हाई कोर्ट की बड़ी रोक, सामान्य नियमों से होंगे दाखिले
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के चार प्रमुख सरकारी मेडिकल कॉलेजों में चल रहे आरक्षण विवाद पर इलाहाबाद हाई कोर्ट (लखनऊ बेंच) ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने इन कॉलेजों में लागू करीब 91.76% विशेष आरक्षण व्यवस्था पर अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत ने साफ किया है कि मेडिकल दाखिलों में नियमों को ताक पर रखकर 50% की कानूनी सीमा का उल्लंघन नहीं किया जा सकता।
📍 इन 4 मेडिकल कॉलेजों पर पड़ेगा असर
यह आदेश उत्तर प्रदेश के चार राजकीय मेडिकल कॉलेजों की NEET-UG (MBBS) सीटों के लिए जारी किया गया है:
- राजकीय मेडिकल कॉलेज, अम्बेडकरनगर
- राजकीय मेडिकल कॉलेज, कन्नौज
- राजकीय मेडिकल कॉलेज, सहारनपुर
- राजकीय मेडिकल कॉलेज, जालौन
⚖️ क्या था पूरा विवाद?
इन कॉलेजों की स्थापना के समय विशेष घटक योजना (SCP) के तहत 85 राज्य कोटे की सीटों में से 78 सीटें (करीब 91%) आरक्षित श्रेणियों के लिए फिक्स कर दी गई थीं, जिसमें अकेले SC वर्ग के लिए 72% से ज्यादा सीटें थीं। इसके चलते सामान्य वर्ग के लिए केवल 7 सीटें ही बच रही थीं। याचिकाकर्ताओं ने इसे आरक्षण के मूल सिद्धांतों और सुप्रीम कोर्ट के 50% वाले ऐतिहासिक फैसले के खिलाफ बताते हुए चुनौती दी थी।
📋 अब आगे क्या होगा?
- दाखिले नहीं रुकेंगे: अदालत ने छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए काउंसलिंग प्रक्रिया पर पूरी तरह रोक नहीं लगाई है।
- नया फॉर्मूला लागू: अब इन चारों कॉलेजों में भी यूपी के अन्य सामान्य मेडिकल कॉलेजों की तरह ही 21% SC, 2% ST और 27% OBC आरक्षण के आधार पर ही सीटें आवंटित की जाएंगी।
- अंतिम फैसले के अधीन: हाई कोर्ट ने साफ किया है कि वर्तमान में होने वाले सभी दाखिले अदालत के अंतिम फैसले के दायरे में आएंगे। इस बीच, राजनीतिक गलियारों में इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने की मांग भी तेज हो गई है।
रिपोर्ट : सिद्धार्थ भारद्वाज प्रभारी उत्तर प्रदेश, दिल्ली।