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न्यूज़ रिपोर्ट: पहलगाम नरसंहार का न्याय; सुरक्षाबलों ने मास्टरमाइंड हाशिम मूसा सहित सभी 4 आतंकियों को किया ढेर

नई दिल्ली/श्रीनगर / बडगाम:
जम्मू-कश्मीर में भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के संयुक्त प्रयासों को एक ऐतिहासिक सफलता हाथ लगी है। अप्रैल 2025 में घाटी के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पहलगाम (बेसरन वैली) में 26 निर्दोष लोगों की जान लेने वाले लश्कर-ए-तैयबा के मॉड्यूल का पूरी तरह सफाया कर दिया गया है। पीर पंजाल रेंज के दोनों ओर सक्रिय रहने वाले और 20 लाख रुपए के इनामी आतंकी मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा को बडगाम के दूधपथरी-पालमैदान वन क्षेत्र में मार गिराया गया है। मूसा के साथ उसके तीन अन्य साथी (मूसा, जुनैद, तल्हा और सुलेमान) भी विभिन्न सैन्य ऑपरेशनों में ठिकाने लगाए जा चुके हैं, जिसके बाद वायरल तस्वीर में दिखे इस खूंखार गुट का नामोनिशान मिट गया है।
📌 मुख्य बिंदु (Highlights)
  • ऑपरेशन का नाम: पीर पंजाल और बडगाम बेल्ट में चलाया गया ज्वाइंट कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन (Operation Korag / Dudhpathri Belt).
  • मारा गया मुख्य आतंकी: लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का कमांडर मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा (पूर्व पाकिस्तानी SSG कमांडो).
  • कुल सफलता: मूसा के साथ तस्वीर में मौजूद अन्य तीनों आतंकी (जुनैद, तल्हा, सुलेमान) भी अलग-अलग मुठभेड़ों में मारे गए.
  • बरामदगी: मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में सेना के स्तर के हथियार और युद्ध जैसी सामग्रियां (War-like stores) बरामद की गई हैं.

⚡ मुठभेड़ की इनसाइड स्टोरी (The Encounter Inside Story)
सुरक्षा एजेंसियों को खुफिया जानकारी मिली थी कि पहलगाम हमले का मास्टरमाइंड हाशिम मूसा बडगाम के उच्च पर्वतीय और घने जंगलों वाले इलाके में छिपा हुआ है. इस महीने की शुरुआत (5 सितंबर) में वह यूसमर्ग की पहाड़ियों में हुई एक मुठभेड़ से भागने में सफल रहा था, जिसमें उसका करीबी साथी ‘यासिर’ मारा गया था।
तभी से भारतीय सेना की चिनार कॉर्प्स, स्थानीय पुलिस और सीआरपीएफ लगातार उसका पीछा कर रही थीं। सुरक्षाबलों ने जब पालमैदान क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधि देखकर चुनौती दी, तो आतंकियों ने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने रणनीतिक रूप से मोर्चा संभाला और दूधपथरी के सुदूर वन क्षेत्र में मूसा को ढेर कर दिया। तलाशी अभियान के दौरान सुबह उसका शव और हथियार बरामद किए गए।

 वायरल फोटो का खौफनाक अंत
पहलगाम हमले (22 अप्रैल 2025) के बाद लश्कर-ए-तैयबा के चार आतंकवादियों की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुई थी, जिसमें वे अत्याधुनिक हथियारों के साथ खड़े थे। इन आतंकवादियों ने पर्यटकों को निशाना बनाकर क्रूरता की सारी हदें पार कर दी थीं।
  • सुरक्षा एजेंसियों ने तभी प्रण लिया था कि इस तस्वीर में दिख रहे किसी भी आतंकी को जिंदा नहीं छोड़ा जाएगा।
  • दिसंबर 2024 से लेकर सितंबर 2026 के बीच चले लंबे और सुनियोजित ऑपरेशनों (जैसे ऑपरेशन महादेव व अन्य) के तहत इन सभी चारों आतंकियों को अलग-अलग मुठभेड़ों में मार गिराया गया है। हाशिम मूसा इस गुट का आखिरी जीवित सदस्य था।

⚔️ पाकिस्तानी सेना का रह चुका था कमांडो
खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, मारा गया आतंकी कमांडर हाशिम मूसा कोई आम आतंकी नहीं था। वह पाकिस्तानी सेना के स्पेशल सर्विस ग्रुप (SSG) में पैरा-कमांडो के तौर पर ट्रेनिंग ले चुका था। इसी वजह से वह गुरिल्ला युद्ध और पहाड़ी इलाकों में छिपने में माहिर था। वह जम्मू क्षेत्र और कश्मीर घाटी को जोड़ने वाली पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला के दोनों ओर कई हमलों (जैसे सोनमर्ग हाईवे पर टनल निर्माण में लगे कर्मियों की हत्या) के लिए भी जिम्मेदार था।

 रक्षा विशेषज्ञों का बयान
सैन्य अधिकारियों के मुताबिक, “मूसा का मारा जाना जम्मू-कश्मीर में सीमा पार से संचालित होने वाले आतंकवाद की रीढ़ तोड़ने जैसा है। यह ऑपरेशन हमारी जीरो-टॉलरेंस नीति और हमारे खुफिया तंत्र की सटीकता को दर्शाता है।” पहलगाम हमले में जान गंवाने वाले पीड़ित परिवारों ने भी इस बड़ी कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया है और भारतीय जांबाजों का आभार माना है।
रिपोर्ट : सिद्धार्थ भारद्वाज प्रभारी दिल्ली एनसीआर।

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