आईआईटी रुड़की ने ‘एमएसएमई इनोवेटिव (डिज़ाइन) स्कीम’ पर जागरूकता सत्र आयोजित किया – उद्योग-अकादमिक सहभागिता
एमएसएमई इनोवेटिव (डिज़ाइन) स्कीम डिजाइन-आधारित विनिर्माण विकास को बढ़ावा देती है

यह मंच एमएसएमई को विशेषज्ञ डिज़ाइनरों से जोड़कर नवाचार और मूल्य संवर्धन को प्रोत्साहित करता है
देहरादून 23 मार्च । सोमवार को डिज़ाइन इनोवेशन सेंटर, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की (आईआईटी रुड़की) ने ‘एमएसएमई इनोवेटिव (डिज़ाइन) स्कीम’: उद्योग-अकादमिक सहभागिता पर एक जागरूकता सत्र का आयोजन किया। यह कार्यक्रम डिज़ाइन विभाग, आईआईटी रुड़की; विकास एवं सुविधा कार्यालय (एमएसएमई-डीएफओ), हल्द्वानी एवं देहरादून के सहयोग से होटल रामाडा बाय विंडहैम, देहरादून, उत्तराखंड में आयोजित किया गया।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य भारतीय विनिर्माण क्षेत्र और डिज़ाइन विशेषज्ञता/डिज़ाइन समुदाय को एक साझा मंच पर लाना है। यह योजना वास्तविक समय की डिज़ाइन समस्याओं के लिए लागत-प्रभावी समाधान, नए उत्पाद विकास, उनके निरंतर सुधार तथा मौजूदा/नए उत्पादों में मूल्य संवर्धन हेतु अनुभवी डिज़ाइनरों द्वारा विशेषज्ञ परामर्श प्रदान करने का लक्ष्य रखती है।
प्रो. इंदरदीप सिंह, अधिष्ठाता (इन्फ्रास्ट्रक्चर) एवं समन्वयक, डिज़ाइन इनोवेशन सेंटर, आईआईटी रुड़की ने चालू वित्तीय वर्ष में एमएसएमई इनोवेटिव (डिज़ाइन) स्कीम के अंतर्गत चार कार्यक्रमों की श्रृंखला का समन्वयन किया। डीआईसी, आईआईटी रुड़की के अधिकारियों ने एमएसएमई इकाइयों एवं अन्य संगठनों से आए प्रतिभागियों को योजना के बारे में विस्तृत जानकारी साझा की।
डॉ. एस.के. नेवार, निदेशक एवं प्रमुख, विकास एवं सुविधा कार्यालय (एमएसएमई-डीएफओ), हल्द्वानी एवं देहरादून; श्री एस.सी. कंडपाल, उप निदेशक, विकास एवं सुविधा कार्यालय (डीएफओ-एमएसएमई), हल्द्वानी; श्री अमित मोहन, सहायक निदेशक, विकास एवं सुविधा कार्यालय (डीएफओ-एमएसएमई), हल्द्वानी; तथा विभिन्न सरकारी एजेंसियों के अधिकारी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त, क्षेत्रीय उद्योगों एवं एमएसएमई इकाइयों के प्रतिनिधियों ने इस चर्चा से लाभ प्राप्त किया।

