IS 21101:2014 पर “मानक मंथन” कार्यक्रम में 100 से अधिक प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता
एडवेंचर टूरिज्म सेफ्टी मैनेजमेंट सिस्टम आवश्यकताओं पर केंद्रित रहा आयोजन

देहरादून 27 फरवरी
। शुक्रवार को भारतीय मानक ब्यूरो, देहरादून द्वारा “मानक मंथन” कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय IS 21101:2014 के अनुसार एडवेंचर टूरिज्म सेफ्टी मैनेजमेंट सिस्टम आवश्यकताएँ रहा। इसमें एडवेंचर टूरिज्म ऑपरेटर, प्रमाणन निकाय, परीक्षण एवं निरीक्षण एजेंसियाँ, नियामक संस्थाएँ तथा उपभोक्ता प्रतिनिधियों सहित 100 से अधिक प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अभिषेक रुहेला, अपर सचिव, पर्यटन विभाग, उत्तराखंड रहे। उन्होंने उत्तराखंड में एडवेंचर स्पोर्ट्स की अपार संभावनाओं को रेखांकित करते हुए कहा कि राज्य को सुरक्षित एवं जिम्मेदार एडवेंचर डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने के लिए स्पष्ट एसओपी, जोखिम प्रबंधन और सुरक्षा मानकों का सख्त अनुपालन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी हितधारकों से सामूहिक प्रयासों के माध्यम से एडवेंचर पर्यटन को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने का आह्वान किया।
सौरभ तिवारी, निदेशक एवं प्रमुख, बीआईएस देहरादून ने IS 21101:2014 के प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि बीआईएस द्वारा विकसित मानक एडवेंचर पर्यटन गतिविधियों में सुदृढ़ एवं जोखिम-आधारित प्रबंधन प्रणाली स्थापित करने का आधार प्रदान करते हैं। उन्होंने उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली की अनिवार्यता तथा उद्योग, सेवा प्रदाताओं और नियामक संस्थाओं के समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
विशिष्ट अतिथि के रूप में पंकज गुप्ता, अध्यक्ष – IAU तथा हरेंद्र गर्ग, अध्यक्ष – SMAU उपस्थित रहे। उन्होंने उद्योग के दृष्टिकोण से सुरक्षा मानकों के अनुपालन को अनिवार्य बताते हुए अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम के विस्तृत तकनीकी सत्र में रवींद्र डोगरा, राष्ट्रीय जल क्रीड़ा संस्थान, गोवा ने IS 21101:2014 के विभिन्न पहलुओं पर समग्र प्रस्तुति दी। इसमें सुरक्षा नीति एवं नेतृत्व, संगठनात्मक जिम्मेदारियाँ, गतिविधि-विशिष्ट जोखिमों की पहचान व मूल्यांकन, जोखिम नियंत्रण उपाय, संचालन नियंत्रण एवं मानकीकृत कार्यप्रणाली (SOPs), उपकरणों का निरीक्षण व रख-रखाव, प्रतिभागियों की सुरक्षा ब्रीफिंग, आपातकालीन तैयारी व त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र, रेस्क्यू प्लान, मॉक ड्रिल, प्रशिक्षित व प्रमाणित गाइड, क्षमता निर्माण, घटना रिपोर्टिंग, आंतरिक ऑडिट, प्रदर्शन मूल्यांकन तथा सतत सुधार की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि IS 21101:2014 केवल अनुपालन का दस्तावेज नहीं, बल्कि सुरक्षा संस्कृति विकसित करने का व्यापक प्रबंधन ढांचा है, जो जोखिमों को व्यवस्थित रूप से नियंत्रित कर दुर्घटनाओं की संभावना को न्यूनतम करता है।
दर्पण चालिया, उपनिदेशक, बीआईएस ने एडवेंचर स्पोर्ट्स में मानकीकरण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रभावी सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली से उपभोक्ता विश्वास बढ़ता है और उद्योग को दीर्घकालिक स्थिरता मिलती है।
कार्यक्रम के दौरान IS 21101:2014 के प्रमुख प्रावधानों, प्रभावी कार्यान्वयन, संभावित संशोधनों एवं राज्य-विशिष्ट आवश्यकताओं पर खुली चर्चा हुई। प्रतिभागियों ने अपने अनुभव और सुझाव साझा किए, जिससे एडवेंचर पर्यटन में सुरक्षा मानकों को अधिक व्यवहारिक और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई।
कार्यक्रम का समापन एडवेंचर पर्यटन को सुरक्षित, उत्तरदायी एवं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।


