देवभूमि की सड़कों पर सजा लघु भारत, अभाविप शोभायात्रा का देहरादूनवासियों ने किया भव्य स्वागत मुख्यमंत्री धामी ने की पुष्पवर्षा, दिया आशीर्वाद
कश्मीर से कन्याकुमारी, भारत माता एक हमारी’ के जयघोष से गूंजा शहर
भारतीय ज्ञानपरंपरा पर केंद्रित सत्र में उभरी मूल्य आधारित शिक्षा की राह
देहरादून 29 नवंबर। देवभूमि उत्तराखण्ड की राजधानी देहरादून मंगलवार को राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक विविधता का अद्भुत केंद्र बन गई, जब अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के 71वें राष्ट्रीय अधिवेशन के दूसरे दिन परेड ग्राउंड से दर्शनलाल चौक तक 4.5 किमी लंबी भव्य शोभायात्रा निकाली गई। ‘भगवान बिरसा मुंडा नगर’ में आयोजित हो रहे इस अधिवेशन में देशभर के 1500 से अधिक विद्यार्थियों की उपस्थिति से देहरादून की सड़कों पर लघु भारत के दर्शन हुए। विभिन्न स्थानों पर स्थानीय नागरिकों द्वारा शोभायात्रा का गर्मजोशी से स्वागत किया गया और ‘भारत माता की जय’ के उद्घोष से वातावरण गुंजायमान हो उठा।
भारतीय शिक्षा संकल्पना पर सारगर्भित चर्चा
दिन की शुरुआत “शिक्षा की भारतीय संकल्पना: वर्तमान शैक्षिक परिदृश्य एवं हमारी भूमिका” विषय पर आयोजित विशेष सत्र से हुई। अभाविप के निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) राजशरण शाही ने शिक्षा के भारतीय मॉडल, उसकी प्रासंगिकता और बदलते वैश्विक परिवेश में युवाओं की भूमिका पर सारगर्भित विचार प्रस्तुत किए।
इसके बाद पाँच समानांतर सत्रों में वैश्विक Gen-Z आंदोलन एवं भारतीय युवा, AI चैटजीपीटी एवं शिक्षा, बांग्लादेशी घुसपैठ एवं SIR समसामयिक मुद्दे, जनसंख्या असंतुलन एवं विकसित भारत का लक्ष्य तथा ऑपरेशन सिंदूर एवं बदलता सुरक्षा परिदृश्य जैसे महत्त्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
विविधता में एकता का दिव्य स्वरूप
भव्य शोभायात्रा अभाविप कार्यकर्ताओं की ऊर्जा, अनुशासन व देशभक्ति का प्रतीक रही। ‘अलग भाषा–अलग वेश, फिर भी अपना एक देश’ की थीम पर आधारित यात्रा में विभिन्न राज्यों की संस्कृति, वेशभूषा, लोककला और परंपराएँ देखने को मिलीं। परेड ग्राउंड से चलकर शोभायात्रा सर्वे चौक, भेल चौक, एश्ले चौक, घंटाघर होते हुए दर्शनलाल चौक पहुँची।
यहाँ आयोजित खुले अधिवेशन में अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी सहित देशभर के छात्र नेताओं ने शिक्षा, छात्रवृत्ति, राष्ट्रीय सुरक्षा, ऑपरेशन सिंदूर और युवाओं की भूमिका जैसे विविध विषयों पर अपने विचार रखे। मंच पर अभाविप राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) रघुराज किशोर तिवारी, राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्री आशीष चौहान, उत्तराखण्ड प्रांत अध्यक्ष प्रो. जे.पी. भट्ट एवं प्रांत मंत्री ऋषभ रावत भी उपस्थित रहे।



शोभायात्रा का विभिन्न स्थानों पर भव्य स्वागत किया गया। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी भी इस ऐतिहासिक यात्रा में सम्मिलित हुए। उन्होंने शोभायात्रा पर पुष्पवर्षा कर अभाविप कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन किया और अधिवेशन की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दीं। मुख्यमंत्री ने इस आयोजन को “राष्ट्रीय एकता, युवा शक्ति और सांस्कृतिक समृद्धि का अद्वितीय संगम’’ बताया।
देवभूमि की धरती पर आयोजित इस शोभायात्रा ने न केवल देहरादून को ऊर्जा से भर दिया, बल्कि विविध भाषाओं, संस्कृतियों और परंपराओं के संगम से ‘एक भारत–श्रेष्ठ भारत’ की नई तस्वीर भी उकेर दी।