कलश यात्रा के साथ श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का भव्य शुभारंभ
देहरादून रतनपुर,शिमला रोड 28 सितम्बर
। नयागांव स्थित दुर्गा मंदिर से कलश यात्रा के साथ श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का भव्य शुभारंभ हुआ। पीत वस्त्र धारण किए महिलाओं एवं श्रद्धालुओं ने सिर पर कलश धारण कर मुख्य मार्ग से होते हुए कथा स्थल तक यात्रा निकाली। भक्तिमय वातावरण में निकली कलश यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने श्रद्धा और उत्साह के साथ सहभागिता की।
कथा स्थल पर विद्वान ब्राह्मणों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत कलश स्थापना एवं पूजन संपन्न कराया। इसके पश्चात प्रसिद्ध कथावाचक आचार्य शिवप्रसाद ममगाईं ने श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ करते हुए “सच्चिदानन्दरूपाय” मंगलाचरण की व्याख्या की।
आचार्य ममगाईं ने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल कथा नहीं, बल्कि मनुष्य के जीवन को सत्य, भक्ति और सदाचार के मार्ग पर ले जाने वाला दिव्य ग्रंथ है। उन्होंने कहा कि श्राद्ध पक्ष में श्रीमद्भागवत का श्रवण एवं आयोजन विशेष आध्यात्मिक महत्व रखता है। श्रद्धा के साथ भागवत कथा का श्रवण करने से पितरों की तृप्ति और परिवार के कल्याण की भावना जुड़ी हुई है।
उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति श्रद्धापूर्वक स्वयं भागवत कथा का श्रवण करता है, उसके पितरों को भी इसका पुण्य प्राप्त होता है। आचार्य ने भागवत श्रवण के महत्व की विस्तृत आध्यात्मिक व्याख्या करते हुए श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति और सदाचार के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
इस अवसर पर आचार्य रमेश उनियाल, आचार्य सुरेश उनियाल, आचार्य विनोद उनियाल, सरोजनी उनियाल, रूपेश उनियाल, दामिनी, शशी उनियाल, सुनीता उनियाल, रानी उनियाल, रुद्रांश उनियाल, आचार्य उदय शंकर भट्ट, रूची बिजोला, स्वाति गौड़, साक्षी उनियाल, मीना सेमवाल, शुभम सेमवाल, हरीश उनियाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।