देहरादून में दो दिन चले ‘द लिटरेरी टेबल’ लिटरेचर एंड आर्ट्स फेस्टिवल में सुप्रसिद्ध कई लेखक, इतिहासकार व बुद्धिजीवी वर्ग से जुड़े विद्वान दे गए बहुमूल्य और जागरूकता की स्मृतियां
भव्य व दिलचस्प आयोजन में मशहूर लेखक देवदत्त पटनायक ने धार्मिकता को लेकर लोगों की आंखें खोलने पर कई सवालों के दिए तीखे और चटपटे जवाब
महाभारत, रामायण तथा मुस्लिम समुदाय के मोहम्मद के अनुयायियों पर भी दिया तीखा-मीठा जवाब, महाभारत को बताया पंचम वेद
फेस्टिवल में लेखकों की महत्वपूर्ण भूमिका से युवाओं, छात्र-छात्राओं को मिली इतिहास की सच्चे अध्याय वाली जानकारी तथा सीख
सीता चुप रहती है लेकिन प्रॉपर्टी लेकर रहती है : देवदत्त पटनायक
देहरादून-
27 सितंबर 2026 । दो दिवसीय ‘द लिटरेरी टेबल’ लिटरेचर एंड आर्ट फेस्टिवल का आज उत्तराखंड की राजधानी देहरादून स्थित फेयर फील्ड बाय मैरिएट के सभागार में दीप प्रज्वलन एवं गणेश वन्दना के साथ भव्य उद्घाटन हुआ I उद्घाटन फेस्टिवल के मुख्य अतिथि भारतीय रिजर्व बैंक झारखंड के निदेशक श्री प्रेम रंजन अनिमेष द्वारा किया गया I उन्होंने सम्मानित हुए स्कूली बच्चों को बहुत बहुत शुभकामनाएं दीं I
फेस्टिवल में द लिटरेरी टेबल लिटरेचर एंड आर्ट फेस्टिवल की डायरेक्टर डॉ.आलोका दास गुप्ता नियोगी ने कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों को संबोधित किया I उन्होंने कहा कि आज हमें अपने सभी मेहमानों का देहरादून में स्वागत करने पर गर्व हो रहा है I उन्होंने कहा कि यह फेस्टिवल सभी के लिए एक सुनहरा मौका है, आपने उन सभी जाने-माने लेखकों को देखा और सुना उनसे मिलने का और सवाल जवाब करने का अवसर प्राप्त हुआ हैं।
कार्यक्रम में मुख्य बात यह रही कि उसमें यंग ऑथर सम्मान कई स्कूली बच्चों को दिया गया, जिसमें दून स्कूल के अभिराज सिंघवी,ओएसिस स्कूल के विहान अहलावत एवं दिल्ली पब्लिक स्कूल, देहरादून के बच्चों द्वारा लिखी गई पुस्तक “मिस्टीरियस एडवेंचर” को भी सम्मान मिला, जिसमें लाभांश शिरीन, हविश, कृष्णग, रियान जोशी शामिल रहे। वहीं, दिल्ली पब्लिक स्कूल के दूसरे ग्रुप के बच्चों द्वारा लिखी गई पुस्तक “हु वाज़ ही” के लिए आरभ शुक्ला, अथर्व विश्वकर्मा, नव्यांश शर्मा, आयांश आत्रेय को भी प्रशस्ति पत्र व मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया I
कार्यक्रम के दूसरे सेशन में “आर्किटेक्चर ऑफ सीक्रेट” के ऊपर चर्चा की गई, जिसमें शुभोभ्रता मजूमदार,दीपांजलि सिंह और डॉ.अलका दास गुप्ता नियोगी ने अपने अनुभवों और उत्तम विचारों को साझा किया। वहीं, फेस्टिवल के समापन अवसर पर कार्यक्रम के तीसरे सेशन में “फ्रैक्चर्ड टाइमलाइंस” के ऊपर चर्चा की गई जिसमें कि समृद्धि गुलाटी, जयश्री बनर्जी एवं कीर्ति अहलावत का अति महत्वपूर्ण डिस्कशन रहा I चौथे सेशन में जिसका टॉपिक फ्रैक्चर्ड टाइमलाइन रहा,में भौगोलिक इतिहास से जुड़े कई सवालों का जवाब बड़ी खूबसूरती के साथ दिया गया तो वहीं, ऑडियंस के भी अनेक सवालों का संतोषजनक जवाब दिया गया I
फेस्टिवल में आज समापन के मौके पर पांचवा सेशन काफी महत्वपूर्ण रहा I फेस्टिवल में ‘अ प्लेफुल लुक एट ऑर एपिक्स’ सेशन में मशहूर लेखक किरन भट्ट के साथ मोना वर्मा के सेशन में ऑथर मशहूर लेखक देवदत्त पटनायक ने धार्मिकता पर कई प्रकार के कटाक्ष किए और महाभारत को “पंचम वेद” जहां बताया, तो वहीं महाभारत के कुछ दृश्यों को छूते हुए कटाक्ष कर तथा चुटकी लेते हुए पटनायक ने बेबाक रूप में कहा कि “सीता चुप रहती है लेकिन प्रॉपर्टी लेकर रहती है” कहकर इतिहास की व्याख्या अपने अनुभव, इतिहास के संकलन के तहत करने का प्रयास किया I रामायण तथा महाभारत के इतिहासकारी स्ट्रक्चर पर उन्होंने कहा कि आज आत्म कथा का ज्ञान है कहां? उन्होंने महाभारत और रामायण के कई पहलुओं को विस्तार से बताया और कहां की सीता और द्रौपदी के पात्र को आपको अलग-अलग रूप में समझना होगा ताकि आप हमारे रामायण और महाभारत को अच्छे से समझ सके। उन्होंने रामायण और महाभारत को एक लेखक के नजरिए से देखने के लिए कहां और कहां कि लेखक किस रूप में किस पात्र से कौन सा संदेश दे रहा है यह भी आप देख सकते हैं।
छठवें सेशन में मॉडरेटर मेजर जनरल आनन्द रावत व डॉ. रूबी गुप्ता ने ऑथर मेजर जनरल रंजन महाजन से सैन्य सुरक्षा,कश्मीर में सेना की तैनाती, दुश्मनों के एनकाउंटर व सैन्य शहादत के विषय में सच्चाई को जाना I मेजर जनरल रंजन महाजन ने बताया कि भारत और पाकिस्तान के बीच अघोषित युद्धों में भारतीय सेना की दुश्मनों के खिलाफ की गई कार्यवाही सभी मोर्चों पर साहसिक रही है, जो कि सभी भारत वासियों के लिए गर्व की बात है I कश्मीरी पंडितों के साथ हुए दुश्मनों के रवैए पर भारतीय सैन्य कार्यवाही को भी जनरल रंजन महाजन ने विस्तार से बताया I ऑपरेशन सिन्दूर तथा चीन के साथ सीमा सुरक्षा को लेकर भी उन्होंने सैन्य संघर्ष के बारे में बताया I
“एचएड इन स्टोन एण्ड वॉटर : आर्किटेक्चरल वंडर्स ऑफ बॉम्बे” टॉपिक पर सेशन में बची करकरिया व देवदत्त पटनायक ने प्रियाक्शी राजगुरु गोस्वामी के संग ज्ञानवर्धक जानकारी साझा की I इस महत्वपूर्ण सेशन में देव दत्त पटनायक ने कहा कि गंगा – यमुना एवं उनके बीच के पहाड़ों का जो ट्रायंगल है जिसे हम हिमालय आर्किटेक्ट कहते हैं और साउथ इंडिया में बने मंदिरों का आर्किटेक्ट के प्रति ध्यान देंगे तो वह आपको उत्तर भारत और दक्षिण भारत के बीच में एक समानांतर संबंध को दर्शाता है। डिस्कशन में बची करकरिया ने कार्यक्रम में मौजूद दर्शकों को भारत के इतिहास एवं परंपराओं के बारे में अवगत कराया।
फाइल्स अनसील्ड : द बोस एनिग्मा डेक्लासिफीड टॉपिक सेशन में चंद्रद्रचूर घोष,अनुज धर ने मॉडरेटर पूजा खन्ना तथा डॉ.आलोका दास गुप्ता नियोगी की साझा चर्चा हुई I पैनल में मौजूद लोगों ने सुभाष चंद्र बोस से जुड़े हुए रहस्यों पर चर्चा की।
फेस्टिवल के समापन पर अन्तिम सेशन के अंतर्गत” आवर लास्ट चांस : द फ़ाइट फॉर मदर अर्थ” टॉपिक में यूनिवर्सिटी ऑफ कैम्ब्रिज के प्रोफ़ेसर भास्कर वीरा ने अपना संबोधन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दिया I उन्होंने देहरादून में बिताए गए अपने बचपन के दिनों को याद किया और साथ ही उन्होंने मौजूद दर्शकों को पर्यावरण के प्रति जागरूक होने का आहवान किया I उन्होंने पर्यावरण के प्रति जागरूक करने के लिए अपनी बनी एक डॉक्यूमेंट्री भी लोगों को दिखाई जो कार्यक्रम में मौजूद दर्शकों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने में सफल रही।
कार्यक्रम में फेस्टिवल डायरेक्टर एवं क्यूरेटर के रूप में आलोका दास गुप्ता नियोगी,कोऑर्डिनेटर आर्ट एंड कल्चर पूजा खन्ना, कोऑर्डिनेशन कोलैबोरेशन एस समृद्धि गुलाटी, कोऑर्डिनेटर ऑपरेशंस एंड लॉजिस्टिक कल्याण साहा, कोऑर्डिनेटर हॉस्पिटैलिटी जयश्री बनर्जी एवं सहजुती साहा, कोऑर्डिनेटर फंड रेसिंग कमेटी सुब्रतो मजूमदार के अलावा अनुज राणा, गुंजन बलूजा,नरेंद्र सिंह एवं प्रेरणा चौहान आदि ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। कार्यक्रम का सफल संचालन मनु आहूजा ने किया।