पूर्व सैनिकों के कल्याण और युवाओं के रोजगार पर राज्यपाल ने दिया तकनीक व डिजिटलीकरण पर जोर
पूर्व सैनिकों के कल्याण और युवाओं के रोजगार के लिए तकनीक का अधिकतम उपयोग हो: राज्यपाल

राज्यपाल गुरमीत सिंह ने सैनिक कल्याण, संस्कृति और उपनल से जुड़े विभिन्न विषयों पर अधिकारियों के साथ की चर्चा


देहरादून, 22 सितंबर। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के साथ-साथ युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए तकनीक, डिजिटलीकरण और पारदर्शी व्यवस्था को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। मंगलवार को लोक भवन में राज्यपाल ने नवनियुक्त निदेशक सैनिक कल्याण ब्रिगेडियर बीएस बसेड़ा (से नि), सचिव सैनिक कल्याण एवं संस्कृति युगल किशोर पंत तथा उपनल के प्रबंध निदेशक ब्रिगेडियर जेएनएस बिष्ट (अप्रा.) से अलग-अलग शिष्टाचार भेंट की।
नवनियुक्त निदेशक सैनिक कल्याण ब्रिगेडियर बीएस बसेड़ा ने राज्यपाल से भेंट के दौरान सैनिक कल्याण से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की। पिथौरागढ़ के भंडारी गांव, देवलथल निवासी ब्रिगेडियर बसेड़ा तीसरी पीढ़ी के सैन्य अधिकारी रहे हैं और 34 वर्ष का सैन्य करियर पूरा कर चुके हैं। वह केंद्रीय सैनिक बोर्ड में सचिव के पद पर भी सेवाएं दे चुके हैं।
राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड में पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ समयबद्ध ढंग से उपलब्ध कराया जाना चाहिए। इसके लिए प्रौद्योगिकी और डिजिटलीकरण का अधिकतम उपयोग किया जाए, ताकि पूर्व सैनिकों को अनावश्यक कागजी कार्रवाई से राहत मिले और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके।
उन्होंने पूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारों के लिए ईसीएचएस सहित चिकित्सा सुविधाओं और सीएसडी की सुविधाओं को और अधिक सुगम बनाने पर जोर दिया। वरिष्ठ एवं बुजुर्ग पूर्व सैनिकों को सीएसडी की सुविधाएं उनके घर तक उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर भी विचार करने को कहा। राज्यपाल ने निर्माणाधीन सैन्य धाम की प्रगति की जानकारी लेते हुए इसके बेहतर संचालन और क्रियान्वयन पर भी बल दिया।
पूर्व सैनिकों के लिए विकसित होगा मोबाइल ऐप
सचिव सैनिक कल्याण एवं संस्कृति युगल किशोर पंत ने राज्यपाल को विभागीय योजनाओं और पूर्व सैनिकों के कल्याण से जुड़े विषयों की जानकारी दी। राज्यपाल ने कहा कि पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के लिए संचालित योजनाओं, सुविधाओं एवं लाभों की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए मोबाइल ऐप विकसित किया जाना चाहिए। भविष्य में पात्र लाभार्थी इसी ऐप के माध्यम से विभिन्न योजनाओं के लिए आवेदन भी कर सकें।
राज्यपाल ने कहा कि सैनिक और पूर्व सैनिक देश की महत्वपूर्ण शक्ति हैं। उनके अनुभव, अनुशासन और कौशल का उपयोग प्रदेश एवं समाज के विकास में किया जाना चाहिए। उन्होंने सैनिक कल्याण से जुड़ी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के साथ रोजगार और पुनर्वास को प्राथमिकता देने की बात कही।
बैठक में पूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों के लिए विदेशों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर भी चर्चा हुई। सचिव ने बताया कि उपनल को ओवरसीज मैनपावर रिक्रूटमेंट एजेंसी के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इसके माध्यम से पूर्व सैनिकों, उनके आश्रितों और प्रदेश के युवाओं को विदेशों में उपलब्ध रोजगार के अवसरों से जोड़ा जा सकेगा।
अग्निवीरों के लिए बनेगा सेल
सचिव ने बताया कि सैन्य सेवा से बाहर आने वाले अग्निवीरों के रोजगार, पुनर्वास और समस्याओं के समाधान के लिए उत्तराखंड में अग्निवीर सेल का गठन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य अग्निवीरों को सेवा पूर्ण करने के बाद रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ उनकी समस्याओं और शिकायतों के समाधान में सहयोग करना है।
संस्कृति विभाग से जुड़े विषयों पर चर्चा के दौरान राज्यपाल ने युवाओं और समाज को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने तथा नशामुक्ति अभियान में जनभागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया।
उपनल कार्मिकों के नियमितीकरण की जानकारी ली
उपनल के प्रबंध निदेशक ब्रिगेडियर जेएनएस बिष्ट (अप्रा.) से भेंट के दौरान राज्यपाल ने उपनल के माध्यम से कार्यरत कार्मिकों के नियमितीकरण, समान कार्य के लिए समान वेतन सहित विभिन्न विषयों की जानकारी ली। प्रबंध निदेशक ने बताया कि उपनल कार्मिकों के नियमितीकरण के संबंध में शासन स्तर पर कार्रवाई गतिमान है।
उन्होंने बताया कि सैन्यधाम में भवन निर्माण के लिए उपनल को आवंटित भूमि पर निर्माण कार्य के लिए ब्रिडकुल, देहरादून को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। उपनल की प्रस्तावित नेट जीरो ग्रीन ऑफिस बिल्डिंग के निर्माण संबंधी प्रस्ताव पर ब्रिडकुल की ओर से आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
प्रबंध निदेशक ने यह भी बताया कि उपनल द्वारा प्रवासी जनशक्ति भर्ती एजेंसी के संचालन के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर प्रस्ताव भारत सरकार को भेज दिया गया है। एजेंसी का लाइसेंस जारी किए जाने के संबंध में भारत सरकार स्तर पर कार्रवाई चल रही है।
राज्यपाल ने प्रस्तावित नेट जीरो ग्रीन ऑफिस बिल्डिंग को आधुनिक, पर्यावरण अनुकूल और ऊर्जा दक्ष बनाने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि नेट जीरो ग्रीन ऑफिस बिल्डिंग की अवधारणा पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के अनुरूप है। साथ ही प्रवासी जनशक्ति भर्ती एजेंसी के माध्यम से उत्तराखंड के युवाओं को देश-विदेश में रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए पारदर्शी और विश्वसनीय व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा सभी प्रक्रियाएं निर्धारित नियमों के अनुरूप आगे बढ़ाने पर जोर दिया।


