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उज्जैन में फार्मास्युटिकल एपीआई एवं इंटरमीडिएट्स विनिर्माण सुविधा का राज्यपाल गुरमीत सिंह ने किया शुभारंभ

बोले—फार्मास्युटिकल क्षेत्र में आत्मनिर्भरता भारत की स्वास्थ्य सुरक्षा का मजबूत आधार

देहरादून/उज्जैन, 19 सितंबर। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने शनिवार को उज्जैन, मध्य प्रदेश में जे.के. लाइफकेयर सेंटर्स की नई फार्मास्युटिकल एपीआई एवं इंटरमीडिएट्स विनिर्माण सुविधा का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि फार्मास्युटिकल क्षेत्र में आत्मनिर्भरता भारत की स्वास्थ्य सुरक्षा और विश्वसनीय दवा आपूर्ति का महत्वपूर्ण आधार है। विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था के साथ आवश्यक दवाओं और उनके घटकों के घरेलू विनिर्माण की क्षमता को लगातार मजबूत करना आवश्यक है।
राज्यपाल ने कहा कि किसी भी फार्मास्युटिकल इकाई की वास्तविक शक्ति केवल उसकी मशीनों और उत्पादन क्षमता में नहीं, बल्कि उसके वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, तकनीशियनों और प्रशिक्षित मानव संसाधन में होती है। निरंतर प्रशिक्षण, कौशल विकास और वैज्ञानिक सोच इस क्षेत्र की दीर्घकालिक सफलता के महत्वपूर्ण आधार हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य देश के सामने रखा है। इस लक्ष्य की प्राप्ति में आत्मनिर्भर फार्मास्युटिकल क्षमता महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। मजबूत घरेलू उत्पादन क्षमता से देश की स्वास्थ्य सुरक्षा मजबूत होगी तथा वैश्विक फार्मास्युटिकल आपूर्ति श्रृंखला में भारत की भूमिका और अधिक सशक्त होगी।
राज्यपाल ने कहा कि उज्जैन में स्थापित यह नई सुविधा अनुसंधान समर्थित विनिर्माण क्षमता विकसित करने, आवश्यक फार्मास्युटिकल इनपुट उपलब्ध कराने तथा युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के नए अवसर पैदा करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। फार्मेसी, रसायन विज्ञान, जैव-विज्ञान, इंजीनियरिंग और तकनीकी शिक्षा प्राप्त युवाओं के लिए ऐसे उद्योग ज्ञान और रोजगार के बीच मजबूत सेतु का कार्य कर सकते हैं।
उद्योग विकास के साथ पर्यावरणीय जिम्मेदारी भी जरूरी
राज्यपाल ने औद्योगिक विकास के साथ पर्यावरणीय जिम्मेदारी पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि उत्पादन और पर्यावरण के बीच संतुलन, संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग तथा सुरक्षित प्रक्रियाएं आधुनिक उद्योग की अनिवार्य आवश्यकताएं हैं। उद्योगों की सफलता तभी अधिक सार्थक होगी, जब उसका लाभ स्थानीय समाज तक पहुंचे, स्थानीय युवाओं को रोजगार एवं कौशल विकास के अवसर मिलें और सहायक उद्योगों के लिए नई संभावनाएं विकसित हों।
इस अवसर पर राज्यपाल ने परियोजना से जुड़े वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, तकनीशियनों, कर्मचारियों, परियोजना भागीदारों और सभी संबंधित संस्थाओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि किसी भी बड़ी परियोजना की सफलता के पीछे अनेक लोगों का परिश्रम, समर्पण और सहयोग होता है। यह नई सुविधा फार्मास्युटिकल क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को गति देने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार, कौशल विकास और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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