उत्तराखण्डकाँवड यात्रा

कांवड़ मेला-2026: लगभग 5 करोड़ शिवभक्तों ने किया हरिद्वार का रुख, मुख्यमंत्री धामी ने जताया आभार

“आस्था के इस विराट स्वरूप को नमन, देवभूमि ने सेवा और आतिथ्य की परंपरा को किया साकार”

देहरादून 11 अगस्त । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांवड़ मेला-2026 के सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन के लिए देशभर से हरिद्वार पहुंचे लगभग 5 करोड़ शिवभक्तों का हृदय से आभार एवं अभिनंदन किया है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष कांवड़ मेले के दौरान देवभूमि उत्तराखण्ड ने भगवान शिव के प्रति करोड़ों श्रद्धालुओं की अटूट आस्था के विराट स्वरूप का साक्षात्कार किया। इतनी बड़ी संख्या में शिवभक्तों का उत्तराखण्ड पहुंचना देवभूमि की धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्ता के साथ-साथ प्रदेश की सेवा और आतिथ्य परंपरा में देशवासियों के विश्वास को भी दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था, विश्वास, संकल्प और भगवान शिव के प्रति समर्पण का महापर्व है।” इस पावन यात्रा में शामिल प्रत्येक शिवभक्त देवभूमि का अतिथि है और उनकी सेवा करना उत्तराखण्ड के लिए सौभाग्य की बात है।
उन्होंने कहा कि कांवड़ मेला-2026 के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के साथ सेवा, अनुशासन और व्यवस्था का अद्भुत समन्वय देखने को मिला। प्रदेश सरकार ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इतने विशाल जनसमागम को सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने में पुलिस एवं प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, आपदा प्रबंधन दल, नगर निकायों, स्वच्छता कर्मियों, स्वयंसेवी संगठनों, धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं तथा स्थानीय नागरिकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सभी संबंधित विभागों और संगठनों ने पूरी प्रतिबद्धता एवं समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया।
उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई तथा सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता, स्वास्थ्य और भीड़ प्रबंधन को लेकर व्यापक इंतजाम किए गए। सरकार का प्रयास रहा कि देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले शिवभक्तों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और वे सुरक्षित एवं सुखद वातावरण में अपनी धार्मिक यात्रा पूरी कर सकें।
“देवभूमि में आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु हमारा अतिथि”
मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड की पहचान केवल हिमालय और प्राकृतिक सौंदर्य से ही नहीं, बल्कि अपनी आध्यात्मिक विरासत, धार्मिक परंपराओं और अतिथि देवो भवः की संस्कृति से भी है। उन्होंने कहा कि देश के कोने-कोने से आने वाले श्रद्धालुओं की सेवा करना प्रत्येक उत्तराखण्डवासी का दायित्व भी है और सौभाग्य भी।
उन्होंने कहा कि कांवड़ मेले के दौरान स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों, स्वयंसेवकों और सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों ने जिस सेवा भाव का परिचय दिया, वह उत्तराखण्ड की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा को दर्शाता है।
करोड़ों शिवभक्तों की आस्था बनी ऐतिहासिक दृश्य
कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों में हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष गूंजते रहे। गंगा तटों और कांवड़ मार्गों पर शिवभक्तों का सैलाब नजर आया। देश के विभिन्न राज्यों से आए कांवड़ियों ने मां गंगा से पवित्र जल ग्रहण कर अपने-अपने गंतव्यों की ओर प्रस्थान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “करोड़ों शिवभक्तों की यह आस्था हम सभी के लिए प्रेरणादायी है। भगवान शिव की भक्ति हमें सेवा, संयम, समर्पण और लोककल्याण का संदेश देती है।”
उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार धार्मिक आयोजनों को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालु-केंद्रित बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
महादेव से सभी शिवभक्तों के कल्याण की कामना
मुख्यमंत्री ने भगवान भोलेनाथ से प्रार्थना करते हुए कहा कि महादेव की कृपा देश और प्रदेश के सभी नागरिकों पर बनी रहे। सभी शिवभक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण हों और उनके जीवन में सुख, शांति एवं समृद्धि आए।
उन्होंने कहा कि भगवान शिव की पावन नगरी हरिद्वार से अपने गंतव्य की ओर लौट रहे प्रत्येक शिवभक्त के साथ देवभूमि उत्तराखण्ड की शुभकामनाएं हैं।
“हर-हर महादेव के जयघोष के साथ संपन्न हुई यह कांवड़ यात्रा हमारी सनातन आस्था की विराट शक्ति का प्रतीक है। देवभूमि उत्तराखण्ड आने वाले सभी शिवभक्तों को नमन और उनके प्रति हृदय से आभार।”

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