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सामूहिक क्षमावाणी महापर्व में गूंजा विश्व मैत्री का संदेश, आर्यिका पूर्णमति माताजी ने कहा—‘क्षमावाणी कार्ड से नहीं, हार्ट से मनाएं’

देहरादून 27 सितम्बर। जैन मिलन देहरादून के संयोजन में विद्या समय पूर्ण वर्षायोग समिति एवं दिगंबर जैन समाज देहरादून के तत्वावधान में रविवार को परम पूज्य आर्यिका 105 श्री पूर्णमति माताजी के सानिध्य में विश्व मैत्री दिवस एवं सामूहिक क्षमावाणी महापर्व श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जैन समाज के श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर एक-दूसरे से क्षमा याचना की।
कार्यक्रम का शुभारंभ आचार्य श्री के चित्र के अनावरण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। देहरादून में जैन मिलन की विभिन्न शाखाओं द्वारा भक्तिभाव से आचार्य श्री का पूजन किया गया। इसके उपरांत पूज्य आर्यिका श्री पूर्णमति माताजी को शास्त्र भेंट किया गया। वीरांगना साक्षी जैन ने मंगलाचरण प्रस्तुत किया, जबकि महिला जैन मिलन राजुल की वीरांगनाओं ने भगवान महावीर स्वामी की प्रार्थना प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
इस अवसर पर आर्यिका 105 श्री पूर्णमति माताजी ने क्षमावाणी पर्व के महत्व और उसके आध्यात्मिक उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि क्षमावाणी केवल शब्दों और औपचारिकता का पर्व नहीं है, बल्कि इसे हृदय से आत्मसात करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हृदय से की गई क्षमा अंतरात्मा को पवित्र और निर्मल बनाती है। मनुष्य को कष्ट सहकर भी क्षमा करने का भाव रखना चाहिए, तभी क्षमावाणी पर्व की वास्तविक सार्थकता है।
उन्होंने कहा, “क्षमावाणी पर्व कार्ड से नहीं, हार्ट से मनाएं। सच्चे हृदय से क्षमा मांगना और सच्चे हृदय से क्षमा करना दोनों ही वीरों का काम है।” उन्होंने कहा कि पर्यूषण पर्व का प्रारंभ उत्तम क्षमा से होता है और इसके समापन पर क्षमावाणी पर्व मनाया जाता है। इस अवसर पर वर्षभर में जाने-अनजाने हुई भूलों एवं पापों के लिए क्षमा याचना की जाती है।
आर्यिका श्री ने कहा कि मनुष्य अपने दैनिक जीवन में जाने-अनजाने अनेक जीव-जंतुओं एवं प्राणियों को कष्ट पहुंचा देता है। क्षमावाणी पर्व ऐसे कर्मों की निर्जरा और आत्मशुद्धि का अवसर प्रदान करता है। क्षमा मांगने और क्षमा करने की भावना से मनुष्य अपने भीतर के द्वेष, वैमनस्य और कटुता को दूर कर मन को स्वच्छ एवं निर्मल बना सकता है।
कार्यक्रम में विद्या समय पूर्ण वर्षायोग समिति के अध्यक्ष राजीव जैन, मुख्य संयोजक अमित जैन, जैन मिलन देहरादून के अध्यक्ष राकेश जैन, मंत्री वीर पंकज जैन, डॉ. संजीव जैन, राष्ट्रीय मुख्य कार्यकारी अध्यक्ष वीर नरेश चंद्र जैन, क्षेत्रीय अध्यक्ष अतिवीर डॉ. संजय जैन, वीर सतीश चंद जैन, वीर अशोक जैन, वीर लोकेश जैन, वीर सुनील कुमार जैन, वीर राजीव कुमार जैन, संदीप जैन, वीरांगना अलका जैन, प्रीति जैन, बबिता जैन, मोनू जैन, शेफाली जैन, वीर अमित जैन (देवलोक कॉलोनी) तथा वीर अरुण जैन सहित अनेक राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में जैन समाज के श्रद्धालु एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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