देहरादून में “अनहद” का साहित्यिक-सांस्कृतिक आयोजन “मेघ मल्हार”
देहरादून 27 जुलाई ।साहित्य, संगीत और भारतीय संस्कृति को समर्पित संस्था *”अनहद”* हिमालयन साहित्यिक एवं सांस्कृतिक सोसाइटी द्वारा आयोजित चार खंडों में विभाजित विशेष कार्यक्रम *”मेघ मल्हार”* 25 जुलाई, 2026 शनिवार को IRDT आडिटोरियम में अपनी पूर्ण भव्यता सहित सम्पन्न हुआ । कार्यक्रम का शुभारंभ माननीय शिक्षामंत्री , उत्तराखंड धन सिंह रावत द्वारा दीप प्रज्वलन से हुआ । समारोह में संस्कृति राज्य मंत्री श्रीमति मधु भट्ट, परिवहन व जैव प्रोद्योगिकी मंत्री प्रदीप बत्रा जी की अति विशिष्ट अतिथि के तौर पर उपस्थिति रही की । पंकज मेसन गढ़वाल अध्यक्ष उत्तरांचल पंजाबी महासभा,करण मल्होत्रा प्रदेश अध्यक्ष उत्तरांचल पंजाबी महासभा व हरिद्वार के उद्योगपति जगदीश लाल पाहवा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे ।
समारोह की शुरुआत *महाकवि कालिदास* पर साहित्यिक परिचर्चा से हुई इसमें डी.ए.वी. कॉलेज देहरादून के संस्कृत विभागाध्यक्ष डा० राम विनय सिंह, संस्कृत विश्वविद्यालय उत्तराखंड की कुलपति डा० सुधा रानी पांडे और मानव भारती स्कूल के डा० अनंतमणि त्रिपाठी ने सहभागिता की ।
दूसरा खंड *”बज़्म-ए-ग़ज़ल”* मे देहरादून की कवयित्री-गायिका *मीरा नवेली* और चंडीगढ़ की गायिका *शैली* ने ग़ज़लों की शानदार प्रस्तुति दी । दर्शक वर्ग ने भरपूर प्यार मीरा – शैली पर बरसाया । बेगम अख़्तर, फ़रीदा ख़ानम की ग़ज़लों से सजी इस महफ़िल को बेहद सराहना मिली साहित्यिक सम्मेलन से अलग ग़ज़ल गायकी ने गंभीर रस से दर्शकों को मोड़ा और आनंद की लहरों में डूबो दिया ।
तीसरा आकर्षण *”मेघ मल्हार – कवि सम्मेलन एवं मुशायरा”* था । वर्षा ऋतु पर आधारित इस महफिल में 13 राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय कवि-शायर शामिल हुए । दिल्ली से *अज़हर इक़बाल, दीक्षित दनकौरी और महेंद्र कुमार सानी* के साथ दून के प्रतिष्ठित कवियों ने भी शिरकत की । दिल्ली से अंतर्राष्ट्रीय शायर अज़हर इक़बाल की निज़ामत में कवि सम्मेलन/ मुशायरे का आग़ाज़ हुआ । अज़हर साहब की निज़ामत और उनकी आवाज़ और अंदाज़ की दून घाटी क़ायल हो गई । उनका जादू लोगों के सर चढ़ कर बोला । कवि सम्मेलन/ मुशायरे की अध्यक्षता प्रसिध्द कवि गीतकार आदरणीय बुद्धिनाथ मिश्र ने की । दिल्ली से आये प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय शायर दीक्षित दनकौरी की ग़ज़लों ने श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया । पंचकुला से आये मशहूर शायर महेंद्र कुमार सानी की ग़ज़लों का मयार हैरान कर देने वाला था । देहरादून के अज़ीम शायर अंबर खरबन्दा और अनहद अध्यक्ष मीरा नवेली की शायरी और उनके तरन्नुम में स्वर बद्ध मेघदूत ने ‘मेघ मल्हार ‘ को पूरी तरह उत्सव में बदल दिया । कवि व पत्रकार वीरेंद्र डंगवाल पार्थ ने अपने छंदों गीतों से अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज की , गीतकार शिव मोहन सिंह , युवा कवयित्री रिद्धि सुकुमार राष्ट्रीय मुद्दों को अपनी रचनाओं में रखती है ,हास्य के सशक्त हस्ताक्षर कवि राकेश जैन , रचनाकार अंशु जैन, युवा कवि कुलदीप सिंह धरवाल व गुरुग्राम से आई डा० कुम्पल वालिया ने इस सम्मेलन में शिरकत की ।
कार्यक्रम के अंत में *”अमर स्मृति सम्मान”* और *”विशिष्ट अनहद सम्मान”* प्रदान किए जाएंगे। अध्यक्ष मीरा नवेली के स्वर्गीय पिता *अमर चंद शर्मा* की स्मृति में दिया जाने वाला यह सम्मान साहित्य, कला, पत्रकारिता और समाज सेवा में योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को मिलेगा।इस वर्ष का अमर स्मृति सम्मान प्रख्यात साहित्यकार/ पत्रकार श्री असीम शुक्ल को मिला । सम्मान में अंग वस्त्र, स्मृति चिन्ह , प्रशस्ति पत्र व ग्यारह हजार रुपए का नक़द पुरस्कार प्रदान किया गया ।
अन्य अनहद सम्मान विशिष्ट व्यक्तियों को अपने अपने क्षेत्र में विशेष योगदान करने वालो को मिला । अनुराग चौहान को समाजसेवा के क्षेत्र में, सतीश शर्मा को सिनेमा जगत में,श्रीमती विदुषी निशंक को साहित्य सेवा में

, श्रीमती सविता मोहन को शिक्षा में,श्रीमती साधना शर्मा को महिला सशक्तिकरण व समाजसेवा में राजीव सच्चर को समाजसेवा में व RJ काव्य को रेडियो प्रसारण के क्षेत्र में प्रतिष्ठित अनहद सम्मान दिए गए ।
“अनहद” की अध्यक्ष मीरा नवेली ने नाकहा, “यह आयोजन केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि शब्द, स्वर और संस्कार का उत्सव है ,चेतना है ।
अनहद का यह समारोह राजधानी देहरादून में अपने पारंपरिक साहित्यिक व सांस्कृतिक संगम के कारण राजधानी के श्रोताओं के दिलों में लंबे समय तक याद बन कर रहेगा ।एक अविस्मरणीय उत्सव – ‘अनहद’