श्री राम मंदिर में संगीतमय श्री-श्री जगन्नाथ महाकथा का हुआ भव्य समापन, 16 जुलाई की रथ यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह

देहरादून 12 जुलाई । श्री राम मंदिर, दीपलोक कॉलोनी, देहरादून में आयोजित तीन दिवसीय संगीतमय श्री-श्री जगन्नाथ जी महाकथा का रविवार को श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ समापन हो गया। अंतिम दिवस पर कथा व्यास डॉ. सुभाष चंद्र सतपति ने भगवान श्री जगन्नाथ से जुड़ी अनेक दिव्य एवं रहस्यमयी कथाओं का भावपूर्ण वर्णन किया।
उन्होंने विद्यापति एवं ललिता के परिचय और विवाह, विश्वासु भील राजा के साथ आंखों पर पट्टी बांधकर नील माधव के दर्शन, राजा इंद्रद्युम्न द्वारा नील माधव के दर्शन के प्रयास, नील माधव के अंतर्ध्यान होने तथा स्वप्नादेश के अनुसार दारु (पवित्र काष्ठ) प्राप्त होने की कथा सुनाई। कथा के दौरान उन्होंने बताया कि स्वयं भगवान ब्राह्मण कारीगर के रूप में 21 दिन तक बिना अन्न-जल ग्रहण किए श्री जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की प्रतिमाओं के निर्माण में जुटे, लेकिन राजा द्वारा 15वें दिन ही द्वार खुलवा दिए जाने के कारण प्रतिमाएं अधूरी अवस्था में ही प्रकट हुईं और आज भी भगवान श्री जगन्नाथ उसी दिव्य स्वरूप में विराजमान हैं।
कथा के साथ रेखा हरिदासी म्यूजिक पार्टी ने भजनों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। “अच्युतम केशवम” और “जगन्नाथ चका नयन” जैसे भजनों पर श्रद्धालु भावविभोर होकर झूम उठे और पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा।
श्री जगन्नाथ रथ यात्रा के संचालक एवं मुख्य प्रवक्ता संजय गर्ग ने बताया कि 14 दिनों के अनवासर (अज्ञातवास) के पश्चात 14 जुलाई 2026 को महाप्रभु श्री जगन्नाथ के नवयौवन दर्शन होंगे तथा 16 जुलाई 2026 को श्री राम मंदिर, दीपलोक कॉलोनी से भव्य श्री जगन्नाथ रथ यात्रा निकाली जाएगी। उन्होंने रथ यात्रा की तैयारियों एवं धार्मिक महत्व की भी विस्तृत जानकारी दी।
श्री राम मंदिर के उत्सव मंत्री एवं प्रवक्ता जे. एस. चुग ने बताया कि तीन दिवसीय महाकथा का उद्देश्य भगवान श्री जगन्नाथ एवं उनकी रथ यात्रा से जुड़े अनसुलझे रहस्यों से श्रद्धालुओं को अवगत कराना, उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करना तथा भगवान के प्रति आस्था को और प्रगाढ़ बनाना था।
इस अवसर पर श्री जगन्नाथ रथ यात्रा-2026 के मुख्य यजमान एवं सारथी मनीष अरोड़ा अपनी धर्मपत्नी एवं परिवार सहित उपस्थित रहे। कार्यक्रम में श्री महाकाल के भक्त संस्था के अध्यक्ष अंकुर जैन, अंकुर मल्होत्रा, दीपक जेठी, चन्नी जी, श्री योगमाया मंदिर के अध्यक्ष मोती दीवान, मां शाकुंभरी सेवा समिति के अध्यक्ष बालेश गुप्ता, प्रवीण गुप्ता विनोद कश्यप, श्री राम मंदिर समिति के अध्यक्ष प्रमोद गुप्ता, सचिव सुनील शर्मा, उत्सव मंत्री जे. एस. चुग, प्रचार मंत्री सुशील बग्गा, कोषाध्यक्ष सुनील गोयल, उपाध्यक्ष एस. के. गांधी, सह सचिव अनिल बांगा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
कथा के समापन पर श्री राम मंदिर समिति के अध्यक्ष प्रमोद गुप्ता ने तीन दिवसीय आयोजन में सहयोग देने वाले सभी धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों, आदर्श मंदिर पटेल नगर, श्याम सुंदर मंदिर, कालिका मंदिर, श्री पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर, श्री श्याम सेवा मंडल, श्याम प्रेमी, अग्रवाल समाज, मातृशक्ति, श्रद्धालुओं तथा प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के सभी पत्रकारों, फोटोग्राफरों, यूट्यूब चैनलों एवं फेसबुक मीडिया प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए साधुवाद दिया।

