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एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण करें: उत्तम प्रकाश

देहरादून,10 जुलाई। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग, भारत सरकार के निदेशक श्री उत्तम प्रकाश ने शुक्रवार को विकास भवन सभागार में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लंबित मामलों का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करते हुए पीड़ितों को समयबद्ध न्याय और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए।
बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी श्री दीपॉकर घिल्डियाल, पुलिस उपाधीक्षक श्री जितेन्द्र चौधरी, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी श्री नरेश धारकोटी तथा लेखाकार श्री उत्तम सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
समीक्षा के दौरान निदेशक उत्तम प्रकाश ने एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए कहा कि पीड़ितों को न्याय दिलाने में किसी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि परगना स्तर पर सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति का शीघ्र गठन कर उसकी बैठक तत्काल आयोजित की जाए।
उन्होंने ऐसे मामलों पर चिंता जताई जिनकी पुलिस जांच 60 दिनों से अधिक समय से लंबित है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप प्रत्येक मामले की जांच 60 दिनों के भीतर हर हाल में पूरी की जाए।
बैठक में भूमि संबंधी लंबित मामलों की सूची जिलाधिकारी को उपलब्ध कराने तथा उनकी जांच की प्रगति सुनिश्चित करते हुए 10 दिनों के भीतर अद्यतन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए।
निदेशक ने समाज कल्याण विभाग को निर्देशित किया कि पीड़ितों को आर्थिक सहायता के भुगतान में किसी प्रकार की देरी न हो। इसके लिए निदेशालय से समन्वय स्थापित कर आवश्यक बजट की व्यवस्था करते हुए सहायता राशि का तत्काल भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
समीक्षा के दौरान एक मामले में बैंक खाता और जाति प्रमाण-पत्र उपलब्ध न होने के कारण आर्थिक सहायता लंबित पाए जाने पर पुलिस उपाधीक्षक को निर्देश दिए गए कि संबंधित लाभार्थी का बैंक खाता विवरण एवं जाति प्रमाण-पत्र तीन दिनों के भीतर समाज कल्याण विभाग को उपलब्ध कराया जाए, ताकि सहायता राशि का शीघ्र भुगतान किया जा सके।
बैठक के अंत में श्री उत्तम प्रकाश ने सभी विभागों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने और पीड़ितों को समयबद्ध न्याय एवं राहत उपलब्ध कराने का आह्वान किया।

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