कैबिनेट के बड़े फैसले: उच्च शिक्षा, पर्यटन, रोजगार और प्रशासनिक सुधारों समेत कई प्रस्तावों को मंजूरी

देहरादून 10 जुलाई । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयोजित राज्य मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की बैठक में शिक्षा, पर्यटन, वित्त, रोजगार, वन संरक्षण और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में प्रदेश के समग्र विकास और सुशासन को गति देने वाले निर्णय लिए गए।
कैबिनेट ने पिथौरागढ़ के मढ़धुरा स्थित नन्हीं परी सीमान्त प्रौद्योगिकी संस्थान के विस्तार के लिए 14.857 हेक्टेयर भूमि तकनीकी शिक्षा विभाग को हस्तांतरित करने की स्वीकृति दी। इससे एआईसीटीई मानकों के अनुरूप शैक्षणिक भवन, छात्रावास, फैकल्टी आवास, खेल परिसर, ऑडिटोरियम और आधुनिक प्रयोगशालाओं का विकास किया जाएगा।
साहसिक पर्यटन को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से उत्तराखण्ड रिवर राफ्टिंग/क्याकिंग संशोधन नियमावली-2026 को मंजूरी दी गई। नई नियमावली में सुरक्षा मानकों को और सख्त किया गया है तथा नियमों के उल्लंघन पर दंडात्मक प्रावधान जोड़े गए हैं।
पीएम पोषण योजना के तहत श्रीनगर (पौड़ी गढ़वाल) में अक्षय पात्र फाउंडेशन के केंद्रीकृत किचन से चयनित विद्यालयों के कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को पका-पकाया मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।
कैबिनेट ने उत्तराखण्ड राज्य भण्डारण निगम के 68 नियमित कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग का लाभ देने का निर्णय लिया। इसका अतिरिक्त वित्तीय भार राज्य सरकार पर नहीं पड़ेगा और खर्च निगम स्वयं वहन करेगा।
हरिद्वार कुंभ मेला-2027 की समवर्ती लेखा परीक्षा को प्रभावी बनाने के लिए एक तकनीकी विशेषज्ञ और एक वरिष्ठ लेखा परीक्षा अधिकारी सहित दो नए पदों के सृजन को भी मंजूरी दी गई।
इसके अलावा उत्तराखण्ड वित्त सेवा नियमावली में पदोन्नति संबंधी विसंगतियों को दूर करने के लिए संशोधन को स्वीकृति दी गई। वित्त ऑडिट प्रकोष्ठ को मजबूत करने के लिए पदों के उच्चीकरण, भर्ती स्रोत में बदलाव और दो नए पदों के सृजन का भी निर्णय लिया गया।
राज्य के युवाओं को विदेशों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए सहसपुर स्किल हब में संचालित विदेश रोजगार प्रकोष्ठ के लिए सात पदों वाली प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (PMU) गठित करने को मंजूरी दी गई।
बापूग्राम, चौवन बग्गा और बिंदु खत्ता के नियमितीकरण की दिशा में बड़ा कदम
कैबिनेट ने ऋषिकेश स्थित बापूग्राम, चौवन बग्गा और बिंदु खत्ता आरक्षित वन से जुड़े मामलों में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन पर चर्चा की। मंत्रिमंडल ने इन गांवों के नियमितीकरण की कार्यवाही आगे बढ़ाने के लिए मुख्य सचिव को आवश्यक निर्देश दिए तथा भावी कार्रवाई के संबंध में मार्गदर्शन प्रदान किया।
इसके साथ ही कैबिनेट ने निर्णय लिया कि वित्तीय वर्ष 2027-28 से अरेबिया मदरसों को अनुदान संबंधी बजट मद समाप्त कर दी जाएगी। नई व्यवस्था के तहत केवल उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण से मान्यता प्राप्त संस्थान ही संचालित होंगे।
सरकार का कहना है कि इन निर्णयों से राज्य में उच्च शिक्षा, पर्यटन, रोजगार, वित्तीय सुशासन, वन संरक्षण और प्रशासनिक व्यवस्था को नई गति मिलेगी तथा विकास और जनकल्याण के प्रयास और अधिक प्रभावी होंगे।
