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नेत्रदान: एक सामाजिक दायित्व, एक पुण्य का संकल्प

ऋषिकेश 29 जून । नेत्रदान से जुड़ते ही व्यक्ति के मन से सारी भ्रांतियां दूर हो जाती हैं और वह स्वयं नेत्रदान का सक्रिय कार्यकर्ता बन जाता है। ऐसा जागरूक नागरिक अपने आसपास किसी के निधन पर शोक के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी भी निभाता है और परिवार से नेत्रदान के लिए अवश्य अनुरोध करता है। इसी प्रयास का परिणाम है कि कोटद्वार निवासी स्व. जनक राज लूथरा का नेत्रदान संभव हो सका।

लायंस क्लब ऋषिकेश देवभूमि के चार्टर अध्यक्ष एवं नेत्रदान कार्यकर्ता *गोपाल नारंग* ने बताया कि गत रविवार कोटद्वार निवासी *जनक राज लूथरा* का आकस्मिक निधन हो गया था। शोक व्यक्त करने पहुंचे *रोहित बत्ता* ने परिजनों को नेत्रदान का महत्व समझाया और नेत्रदान की प्रार्थना की।

परिवार की सहमति मिलते ही रोहित बत्ता ने ‘नेत्रदान महादान, हरिद्वार-ऋषिकेश’ की टीम को तुरंत सूचित किया। टीम के आग्रह पर निर्मल आई हॉस्पिटल की रेस्क्यू टीम रात्रि में ही कोटद्वार पहुंची और दोनों कॉर्निया सुरक्षित रूप से प्राप्त कर लिए।

इस पुण्य कार्य पर *सरदार गुरविंदर सिंह, दलजीत सिंह, गिरिराज रावत, विजय माहेश्वरी, अनिल भोला, कुणाल भाटिया, गोपाल कुकरेती, वैभव भाटिया एवं विवेक अग्रवाल* ने शोक संतप्त परिवार को साधुवाद दिया।

लायंस क्लब ऋषिकेश देवभूमि के जनसंपर्क अधिकारी *मनमोहन भोला* ने बताया कि यह मिशन का *469वां सफल नेत्रदान* है, जो अविरल रूप से जारी रहेगा।

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