108 कलशों से हुआ भगवान जगन्नाथ का मंगल स्नान, 16 जुलाई को निकलेगी विश्व विख्यात गुंडीचा रथ यात्रा
देहरादून,
29 जून। श्री राम मंदिर समिति, दीपलोक कॉलोनी एवं श्री श्री जगन्नाथ जी श्री गुंडीचा रथ यात्रा आयोजन समिति के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को 29वीं श्री श्री जगन्नाथ जी देवस्थान पूर्णिमा एवं कलश यात्रा का भव्य आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 8 बजे श्री राम मंदिर में शक्तिपुत्र डॉ. सुभाष चंद्र शतपथी द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान से कराया गया। आज के मुख्य यजमान श्री मनीष अरोड़ा, उनकी धर्मपत्नी एवं परिवार ने संकल्प लेकर पूजा-अर्चना की।
इसके उपरांत 108 सौभाग्यवती महिलाओं की भव्य कलश यात्रा ढोल-नगाड़ों, बैंड-बाजों तथा श्री जगन्नाथ युवा शक्ति के प्रभु नाम संकीर्तन के साथ श्री राधा-कृष्ण मंदिर, कृष्ण नगर चौक (कौलागढ़ रोड) से प्रारंभ होकर श्री शिव मंदिर, आनंद विहार, महेंद्र विहार, मित्रलोक कॉलोनी, दीपलोक कॉलोनी सहित आसपास के क्षेत्रों की परिक्रमा करते हुए श्री राम मंदिर पहुंची।
मंदिर पहुंचने के बाद भगवान श्री जगन्नाथ, श्री बलभद्र, माता सुभद्रा एवं श्री सुदर्शन जी को परंपरानुसार घुटनों के बल चलते हुए मंगल स्नान मंडप तक ले जाया गया। इसके बाद विभिन्न धार्मिक स्थलों की पवित्र नदियों से लाए गए गंगाजल, कपूर, चंदन, केसर एवं तुलसी युक्त 108 कलशों से वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान श्री जगन्नाथ को 35, श्री बलभद्र को 33, माता सुभद्रा को 22 तथा श्री सुदर्शन जी को 18 कलशों से मंगल स्नान कराया गया।
मंगल स्नान के पश्चात सभी विग्रहों ने गणपति स्वरूप में भक्तों को दर्शन दिए, जिससे पूरा मंदिर परिसर “गणपति बप्पा मोरया” और “जय जगन्नाथ” के जयघोष से गूंज उठा।
समस्त धार्मिक अनुष्ठान पुरी (उड़ीसा) की परंपरा के अनुसार शक्तिपुत्र डॉ. सुभाष चंद्र शतपथी, पंडित मुक्तिपद शतपथी एवं मंदिर के आचार्य पुरुषोत्तम डिमरी द्वारा संपन्न कराए गए। महाआरती के बाद श्रद्धालुओं को जगन्नाथ पुरी की परंपरा अनुसार कनिका प्रसाद (मीठे चावल) वितरित किया गया।
इस अवसर पर मंदिर समिति के अध्यक्ष प्रमोद गुप्ता, सचिव सुनील शर्मा, उत्सव मंत्री जे.एस. चुग, कोषाध्यक्ष सुनील गोयल, प्रचार मंत्री सुशील बग्गा, उपाध्यक्ष एस.के. गांधी, सहसचिव अनिल बंगा, भंडार पाल शंकर थापा, ऑडिटर तरुण सक्सेना, मनमोहन सिंह, पूर्व प्रधान आर.के. गुप्ता, मनीष मौर्य, संजीव गोयल, कल्याण चक्रवर्ती, अंजू मित्तल सहित अनेक सामाजिक, धार्मिक एवं विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
मंदिर समिति ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं, महिला शक्ति, सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया।
उत्सव मंत्री जे.एस. चुग एवं रथ यात्रा समिति के मुख्य प्रवक्ता संजय गर्ग ने संयुक्त रूप से बताया कि सोमवार सायं 7:30 बजे महाआरती के बाद भगवान श्री जगन्नाथ के कपाट 14 दिनों के लिए बंद कर दिए जाएंगे। इसके पश्चात 14 जुलाई 2026 को भगवान के नवयौवन दर्शन होंगे तथा 16 जुलाई 2026 (गुरुवार) को पुरी की तर्ज पर विश्व विख्यात श्री श्री जगन्नाथ जी श्री गुंडीचा रथ यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें भगवान नगर भ्रमण कर भक्तों को दर्शन देंगे।

